श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने इसी याचिका की तत्काल सुनवाई के लिए 13 सितंबर 2021 को उल्लेख किया था। उस दौरान सर्वोच्च अदालत इसे सूचीबद्ध करने को सहमत हो गई थी।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के हमले में मारे गए कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंदरू की बेटी श्रद्धा बिंदरू ने आतंकियों को ललकारा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता कभी मर नहीं सकते।