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‘हिम्मत है तो सामने आओ, कश्मीरी पंडित कभी मर नहीं सकते’: आतंकियों को बेटी ने ललकारा, पिता की गोली मार कर दी थी हत्या

आतंकियों को आइना दिखाते हुए श्रद्धा कहती हैं, "मैं एक हिंदू होकर भी कुरान पढ़ी हूँ और कुरान कहता है कि ये जो चोला है, ये जो शरीर का चोला है, ये बदल जाएगा लेकिन जो इंसान का जज्बा है, स्प्रिट है वह कहीं नहीं जाएगा।"

जम्मू-कश्मीर में मारे गए कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंदरू की बेटी श्रद्धा बिंदरू ने आतंकियों को ललकारा है। मीडिया से बात करते हुए श्रद्धा ने कहा कि उनके पिता कश्मीरी पंडित थे और वे कभी मर नहीं सकते। आतंकी उनके शरीर को मार सकते हैं, लेकिन उनकी आत्मा जीवित रहेगी। श्रद्धा ने कहा, “तुम लोग केवल पत्थर फेंक सकते हो या पीछे से गोली चला सकते हो। मैं अपने पिता की बेटी हूँ। हिम्मत है तो मेरे सामने आओ और आमने-सामने बात करो।” श्रद्धा ने कहा कि उनके पिता माखनलाल बिंदरू फाइटर थे, वह कभी मर नहीं सकते।

आतंकियों को आइना दिखाते हुए श्रद्धा कहती हैं, “मैं एक हिंदू होकर भी कुरान पढ़ी हूँ और कुरान कहता है कि ये जो चोला है, ये जो शरीर का चोला है, ये बदल जाएगा लेकिन जो इंसान का जज्बा है, स्प्रिट है वह कहीं नहीं जाएगा।” उन्होंने कहा, “एक शरीर तो उड़ा दिया न तुमने, उस शरीर ने जिसको पैदा किया, वो मैं हूं, उस बाप की बेटी। आ जा सामने, इतनी औकात है न चल भाई, आ मेरे सामने और मेरे से बात कर।”

दरअसल, आतंकियों ने मंगलवार को कश्मीरी पंडित माखनलाल बिंदरू सहित तीन लोगों की हत्या कर दी थी। बिंदरू की हत्या श्रीनगर के इकबाल क्षेत्र में शाम के करीब 7:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी। वह प्रसिद्ध फार्मेसी के मालिक थे। आतंकियों ने दुकान में घुसकर उन्हें गोली मारी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने ट्वीट किया था, “श्रीनगर के इकबाल पार्क में बिंदरू मेडिकेट के मालिक कश्मीरी पंडित- माखन लाल बिंदरू (70) की आज शाम (मंगलवार) कश्मीर में आतंकियों ने हत्या कर दी। इसके बाद श्रीनगर के लालबाजार में सड़क किनारे गैर स्थानीय भेलपुरी विक्रेता की हत्या कर दी गई।”

अगले ट्वीट में कौल ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि श्रीनगर में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिंदरू उन कुछेक कश्मीरी पंडितों में से एक थे, जिन्होंने 1990 के दशक में कश्मीर नहीं छोड़ा।

दूसरी घटना में श्रीनगर के लाल बाजार इलाके में शाम के करीब साढ़े आठ बजे बिहार के गोलगप्पा बेचने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, श्रीनगर के मदीन साहब लालबाजार के पास आतंकियों द्वारा मारे गए शख्स की पहचान वीरेंद्र पासवान के तौर पर हुई है। वे बिहार के भागलपुर के रहने वाले थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी इसे टारगेटेड अटैक करार दिया है।

वहीं तीसरी घटना कश्मीर के बांदीपोरा के शाहगुंड इलाके में हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, नायदखाई निवासी मोहम्मद शफी लोन की आतंकियों ने हत्या कर दी। फिलहाल आतंकियों की तलाश की जा रही है। वह बांदीपोरा के हाजिन में टाटा सूमो चलाते थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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