दिल्ली में ऑक्सीजन की खासी किल्लत है। राजधानी के लिए 490 टन ऑक्सीजन अलॉट किया गया है। कल केंद्र सरकार ने 10 टन और बढ़ाई है। लेकिन, फिलहाल दिल्ली में अभी केवल 335 मीट्रिक टन तक ही ऑक्सीजन पहुँच रही है।
तबीयत बिगड़ने के बाद अली हसन को अस्पताल लाया गया, वहाँ 14 लीटकर ऑक्सीजन दी गई। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 23 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस फेक न्यूज पर कहा कि वार्ड में मरीजों के लिए ऑक्सीजन के आउटलेट पॉइंट बढ़ा रहे थे, ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
ये दुर्भावनापूर्ण और सुनियोजित ढंग से उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिष्ठा खराब करने का प्रयास है। नोएडा पुलिस आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर कर चुकी है और आगे अफवाह फैलाने वालों और इस मुश्किल घड़ी में पैनिक क्रिएट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।