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माहवारी से 5 दिन पहले और 5 दिन बाद… न लें कोरोना वैक्सीन: बहन-भाभी-गर्लफ्रेंड सबको बताएँ यह बात – Fact Check

"पीरियड्स के समय यदि वैक्सीन ली तो संक्रमण होने के ज्यादा चांस हैं। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है... क्योंकि वैक्सीन पहले इम्युनिटी घटाती है, फिर इम्युनिटी बिल्ड करती है। इसलिए पीरियड्स के समय..."

महावारी एक ऐसा विषय है, जिसे लेकर तमाम भ्राँतिया समाज में पहले से ही हैं। ऐसे में अब जब कोरोना का कहर टूटा है तो ऐसा कैसे हो सकता है कि इस विषय पर कोई नए तरह का दावा न हो! अभी हाल में सरकार ने कोरोना के कारण उपजे हालातों को देखते हुए 18 साल से ऊपर सभी नागरिकों को कोरोना वैक्सीन लगाने के निर्देश दिए। लेकिन इसी दौरान लड़कियों को खबरदार करने वाला एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इस मैजेस में दावा किया गया कि 18 साल वालों के लिए 1 मई से वैक्सीनेशन चालू हो रहा है। लड़कियों के लिए ये बहुत जरूरी है कि वह अपनी माहवारी का समय देखते हुए वैक्सीन लें। संदेश में चेताया गया है कि पीरियड्स से 5 दिन पहले और 5 दिन बाद वैक्सीन न लें, क्योंकि इस बीच इम्युनिटी बहुत कम होती है।

इस संदेश में यह भी लिखा है कि वैक्सीन पहले आपकी इम्युनिटी घटाती है और फिर इम्युनिटी बिल्ड करती है। इसलिए पीरियड्स के समय यदि वैक्सीन ली तो संक्रमण होने के ज्यादा चांस हैं। इस वायरल संदेश में अंत में ये भी लिखा है कि इसे अपनी बहन, सहेली, परिजन या प्रेमिका के साथ शर्म न महसूस करते हुए शेयर करें।

यही संदेश ट्विटर पर कई महिलाएँ शेयर कर रही हैं। शायद उन्हें लग रहा है कि हर महिला तक ये बात पहुँचाना उनका दायित्व है। लेकिन इसी बीच पीआईबी ने इस संदेश का फैक्ट चेक किया है। पीआईबी के मुताबिक ये संदेश पूरी तरह से फेक है। 

पीआईबी ने फैक्ट चेक में लिखा, “सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट शेयर हो रहा है, जिसमें दावा है कि महिलाओं को माहवारी के 5 दिन पहले या 5 दिन बाद वैक्सीन नहीं लेनी। ऐसी अफवाहों में न पड़ें! 18 वर्ष से ऊपर का हर व्यक्ति 1 मई के बाद वैक्सीन ले सकता है। रजिस्ट्रेशन 28 अप्रैल से शुरू होगा।”

पीआईबी के इस ट्वीट के बाद कई यूजर्स ने उन्हें इस स्पष्टीकरण के लिए आभार व्यक्त किया है। एक लड़की ने कहा है कि उसे इस मैसेज को देखने के बाद डाउट था लेकिन अब वो क्लियर हो गया।

बता दें कि कोरोना वायरस के बीच संसाधनों से लेकर वैक्सीन पर कई तरह के झूठ सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। कभी बताया गया कि कोविड-19 रोकने में मास्क अप्रभावी है तो कभी कहा गया वैक्सीन लेने के बाद मौते हो रही हैं। हालाँकि, सरकार इस बीच सभी अफवहों पर संज्ञान लेकर अपनी ओर से वास्तविकता बताती रही। पिछले साल से अब तक ऐसे तमाम झूठ कोरोना काल में फैले हैं। इनमें से 40 झूठों की लिस्ट आप लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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