"ये सब अल्लाह कर रहे हैं। कुदरती रूप से सारा सामान सुबह एक जगह पर रखा मिलता है और हम सिर्फ़ उसे उठाकर बाँटने का काम करते हैं। हम अल्लाह के बंदे हैं। हमें इंसान ने पैदा नहीं किया।"
धर्मनिरपेक्ष देश के एक धर्मनिरपेक्ष राज्य की अदालत में गॉंधी की प्रतिमा स्थापित नहीं हो पाई। ऐसा करने वाले ही गाँधी के नाम को भुनाने के फेर में लगे रहते हैं। तो क्या उनके लिए गॉंधी प्रतीक से ज्यादा कुछ भी नहीं?
दिल्ली में जितने शिक्षक के कुल पद (लगभग 65000) है, उससे अधिक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकार बनाते ही शुरु कर दी। यूपी में बीते 3 वर्षों में 68000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु हुई है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होते ही ये शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने लगेंगे। यही नहीं, यूपी ने लाखों अतिथि शिक्षकों के मसले सुलझाए हैं, जो राजनीतिक और शैक्षिक रूप से बेहद संवेदनशील थे।
केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 से ही कई ऐसे क़दम उठाए हैं, जिनसे बाजार में सकारात्मकता आई है और उम्मीद बंधी है कि सत्ता अर्थव्यवस्था को ठीक करने की दिशा में पहल कर रही है। साफ़ है कि बजट इस क्रम में इन प्रयासों की अगली कड़ी होगा। ये सरकार की उन नीतियों को आगे लेकर जाएगा, जिन्हें सरकार ने गिरती आर्थिक विकास दर को संभालने के लिए आजमाया है।
देश के ख़िलाफ़ बयानबाजी करने वालों को अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में छिपाया जाता रहा है। उनके प्रति संवेदना दिखाई जाती रही है। एक तय क्रम के साथ उनके विवादों में आने के बाद उन्हें हीरो बनाने की कोशिश हुई। उससे पहले से मालूम चल चुका है कि शर्जील इमाम के मामले में अब आगे क्या होगा?
जलीस ने एटीएस को बताया कि उसने अपने दम पर दिल्ली को दहलाने का प्लान बनाया था। लेकिन, उसके गुट के लोगों तक सीबीआई पहुॅंच गई और उसके मंसूबे विफल हो गए थे। उसने 20 लोगों को चिह्नित जगहों की रेकी सौंपी थी।
टिकट बुकिंग के दौरान उपभोक्ता को कुणाल कमरा के दो सस्ते एवं निहायत ही घटिया (मतलब कामरा का कोई भी) चुटकुले सुनाए जाएँगे, इसके बाद यदि उपभोक्ता टिकट खिड़की पर हँसते हुए पाया जाता है, तो उसके लिए कुणाल कमरा की इस विमान सेवा में 6 महीने की समयावधि के लिए मुफ्त सफर घोषित किया जाएगा।
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए 15 बिंदुओं वाली नियमावली जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि यहॉं रहने वाले लोग किसी भी देश विरोधी, गैर सामाजिक या किसी अवांछनीय गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनेंगे।