मीडिया फ़ैक्ट चेक

फैक्ट चेक: क्या पुलवामा आतंकी हमले के बाद पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड में फोटो शूट करवा रहे थे?

यह राहुल गाँधी, सोशल मीडिया के वामपंथी ट्रोल और फुल टाइम प्रचारक पत्रकारों द्वारा प्रचारित एक और झूठ, उनकी कभी न खत्म होने वाली महाझूठ और प्रोपेगंडा का हिस्सा है।

Fact Check: मीडिया गिरोह के सदस्य ‘scroll’ का एक और झूठ, मामला पत्रकारों के अश्लील संदेशों का

पुलवामा हमले के बाद, कई पत्रकारों ने फ़र्ज़ी ख़बर फैलाई थी कि विभिन्न स्थानों पर कश्मीरी मुस्लिम छात्रों पर दक्षिणपंथी समूहों द्वारा हमला किया जा रहा है। इस तरह के निराधार दावों के कारण लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी आलोचनाएँ भी की थीं।

Fact Check: NDTV वालो, और केतना बेज्जती करवाओगे शोना?

विवादस्पद NDTV की पहचान अब अक्सर फ़ेक न्यूज़ को प्रचारित करने की बन चुकी है। NDTV ने अपनी वेबसाइट में एक ऐसी भ्रामक हेडलाइन को प्रमुखता से जगह दी जिसमें यह दर्शाया गया कि पीएम मोदी ने वंदे भारत ट्रेन-18 का मजाक उड़ाते हुए लोगों के ख़िलाफ़ सज़ा की माँग की।

फ़ैक्ट चेक के नाम पर Alt-News के कट्टर भक्त zoo_bear ने फ़ेक वीडियो के ज़रिए फैलाया झूठ का रायता

ऑल्ट न्यूज़ के कट्टर भक्त @zoo_bear ने अपने भक्तों से उसी ‘क्रॉप्ड वीडियो’ को री-ट्वीट करने का आग्रह किया, ताकि सांप्रदायिक द्वेष को भड़काया जा सके और इस फ़र्ज़ी ख़बर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जा सके।

हिंदी हृदय सम्राट रवीश कुमार जी! थोड़ी अंग्रेजी भी पढ़ लीजिए, फ़र्ज़ीवाड़ा कम फैलाएँगे… हेहेहे!

दैनिक जागरण में रुपए की जिस ख़बर का हवाला देते हुए उन्होंने एक लंबा फर्जी लेख ''मीडिया विजिल'' में लिख मारा है, वह पूरी स्टोरी विशेषज्ञों के हवाले से लिखी गई है। काश! रवीश अंग्रेजी जानते और ऑरिजिनल आर्टिकल पढ़ पाते।

ऑपइंडिया की ख़बर का असर: ‘नवभारत टाइम्स’ को देना पड़ा ‘स्पष्टीकरण’

पाठकों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए ऑपइंडिया ने अपने फ़ैक्ट चेक के माध्यम से यह कोशिश की थी कि नवभारत टाइम्स जैसे नामी अख़बार अपने पाठकों को सही जानकारी से अवगत कराएँ।

Fact Check: नवभारत टाइम्स ने ‘वंदे भारत एक्सप्रेस से ख़ुदकुशी’ पर पाठकों को किया भ्रमित

सोशल मीडिया के जमाने में मीडिया कुछ भी बोल-लिख-दिखा दे और ग़लतफ़हमी पैदा कर दे, यह अब संभव नहीं। कुछ ऐसे भी पाठक होते हैं जो ख़बरों को गंभीरता से पढ़ते हैं और उटपटांग लगने पर अपनी प्रतिक्रिया भी दर्ज करते हैं।

राजदीप जी, थोड़ी शरम बची हो तो हथेली पर थूक कर उसी में नाक डुबा के मर जाइए

जब तक इन्हें छीलेंगे नहीं, ये अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आएँगे। इसलिए, इनके ट्वीट तो छोड़िए, एपिडर्मिस, इन्डोडर्मिस से लेकर डीएनए तक खँगालते रहिए क्योंकि बाय गॉड, ये लोग बहुत ही बेहूदे क़िस्म के हैं।

Fact Check: कश्मीरी मुस्लिमों के नाम पर रॉयटर्स फैला रही फ़ेक ख़बर

रॉयटर्स जैसी बड़ी और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी ख़बरों के साथ फ़र्ज़ीवाड़ा करती है। भारतीय न्यूज़ एजेंसी में काम कर रहे हमारे एक साथी द्वारा शेयर किया गया चैट रॉयटर्स की इसी गंदगी का पर्दाफाश करती है।

फैक्ट चेक: NDTV, कॉन्ग्रेस IT सेल की प्रमुख ने ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के बारे में फ़र्ज़ी ख़बर फैलाई

जहाँ एक तरफ देश पुलवामा में शहीद हुए 44 सीआरपीएफ के जवानों को लेकर शोक मना रहा था, वहीं दूसरी ओर दिव्या स्पंदना ने NDTV की आधी-अधूरी रिपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए ट्रेन-18 के बारे में झूठी ख़बर फैलाते हुए ट्रेन को विफल बताया।

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