राजनीति फ़ैक्ट चेक

झूठ बोलकर ठगना नेताओं का शगल है, तथ्य का हथियार लोगों को देना हमारा

अल्फोंस

फैक्ट चेक: केंद्रीय मंत्री अल्फोंस ने नहीं ली शहीद के ताबूत के साथ सेल्फी, कॉन्ग्रेस ने फैलाया था झूठ

तस्वीरों से यह साफ होता है कि वायरल हो रही अल्फोंस की तस्वीर सेल्फी नहीं बल्कि मीडिया के कैमरे से खींची गई तस्वीर है।
मनीष सिसोदिया

Fact Check: झूठ फैलाकर मनीष सिसोदिया ने दिखाई फ़र्ज़ी देशभक्ति, लोगों ने लगाई ‘लताड़’

'हम AAP के लोग हरिश्चंद्र की संतान हैं, जो हमसे अलग हैं वो झूठ के पुलिंदे।' ऐसे ब्रह्म वाक्य वाले नेताओं के लिए पुलवामा हो या करगिल, राजनीति को छोड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।

फैक्ट चेक: क्या मोदी ने 1992 में लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बारे में झूठ बोला था?

द वायर पर लिखे अपने रिपोर्ट में स्वाति चतुर्वेदी ने बिना किसी तथ्य और सबूत के आधार पर लिखा कि मुरली मनोहर जोशी इस वीडियो को देखने के बाद गुस्से में हैं, और उन्होंने आरएसएस से भी इस बारे में शिकायत की है।
प्रियंका चतुर्वेदी

फ़ैक्ट चैक: प्रियंका गाँधी की रैली का भीड़ कनेक्शन फ़र्ज़ी, कॉन्ग्रेस को डिलीट करना पड़ा ट्वीट

प्रियंका गाँधी की रैली में भीड़ दिखाने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी प्रवक्ता ने तेलंगाना की तस्वीर शेयर कर डाली, झूठ पकड़े जाने पर जिसे उन्होंने डीलिट कर दिया।
मनीष तिवारी

बजट से पहले बजट पेश! बजट बनाना भूल न जाएँ, इसके लिए कॉन्ग्रेस की असफल कोशिश?

तिवारी जी आ गए छौंक लगाने। मोदी सरकार से पहले बजट पेश कर दिया। संसद में नहीं, सोशल मीडिया पर। ऊपर से लिख दिया कि इसे सरकार ने ही लीक किया है। हद कर दी तिवारी जी आपने!
राहुल गाँधी, मनोहर पर्रिकर

बीमार पर्रीकर को निशाना बनाकर राजनैतिक हित साधना छिछोरापन है, राजनीति नहीं

पर्रीकर ने राहुल गाँधी के ताजा बयानों की निंदा करते हुए उन्हें अपनी अवसरवादी राजनीति के लिए किसी बीमार व्यक्ति के नाम का सहारा न लेने की सलाह दी।
नरेंद्र मोदी और राहुल गाँधी

राहुल गाँधी, ठीक से याद कीजिए, नफ़रत की नर्सरी से लेकर झूठ के विश्वविद्यालय तक कॉन्ग्रेस से जुड़े हैं

निराधार बातें करके अपनी छवि को बूस्ट करने वाले राहुल गाँधी एक बार फिर से अपनी कही बातों के कारण पकड़ में आ गए हैं।
आरक्षण बिल और अमर्त्य सेन

अमर्त्य सेन ने 10% आरक्षण बिल पर बोला झूठ, फिर से छेड़ा इनटॉलरेंस का राग

इस तरह के बयानों का उस समय आना जब लोकसभा के चुनाव नज़दीक हों साफ दर्शाता है कि वो व्यावहारिक स्तर पर एक निश्चित व्यक्ति के ख़िलाफ़ कैम्पेनिंग कर रहे हैं।
भारत-ईरान

‘भारत के लिए ईरान, तालिबान पर अपने ‘प्रभाव’ का इस्तेमाल कर सकता है’

अफ़ग़ान सरकार द्वारा वार्ता में शामिल होने की माँग के बावजूद, तालिबान ने उसे एक मंच पर आने से दूर रखा।
अरविन्द केजरीवाल और जिग्नेश मेवानी

जिग्नेश-केजरीवाल-लालू गिरोह आरक्षण पर फैला रहा है झूठ, सचेत रहिए

अप्रैल 2018 के हिंसक आंदोलन से सीख लेकर अरविन्द केजरीवाल और जिग्नेश मवानी जैसे नेता फिर से जातीय हिंसा को हवा देने पर तुले हुए हैं।
स्वाति चतुर्वेदी और शशि थरूर

गाय संबंधी हिंसा पर शशि थरूर के झूठ का पर्दाफ़ाश, ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी ने लिया था इंटरव्यू

उनका यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित था, जिसके लिए IndiaSpend को दोषी करार दिया गया था, जो हिंदू-विरोधी प्रचार फैलाने के लिए गलत आँकड़ों का इस्तेमाल करनेवाली वेबसाइट है।
कंप्यूटर जासूसी

कॉन्ग्रेस का बड़ा झूठ – गृह मंत्रालय आम जनता के कंप्यूटरों से उनकी जासूसी करती है

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 संसद में किसी भी चर्चा या विरोध के बिना पारित किया गया था।

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