कमांडर सुलेमानी की मौत के बाद ईरान ने कोम की जमकारन मस्जिद की गुंबद पर लाल झंडा लहरा दिया है। इसे अमेरिका के खिलाफ जंग के ऐलान के तौर पर देखा जा रहा है। लाल झंडा शिया परंपरा में ख़ूनी प्रतिशोध का प्रतीक होता है।
रोजाना 300-400 लोग भारत से बांग्लादेश लौट रहे हैं। अधिकांश लोगों ने वहॉं की एजेसियों को बताया है कि वे काम के सिलसिले में अरसे से भारत में रह रहे थे। इनके पास से भारतीय पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।
प्रदेश कॉन्ग्रेस सचिव नईमुद्दीन गुड्डु और उसके समर्थकों ने कॉन्ग्रेस नेता कुंदन यादव को अस्पताल परिसर में ही पीट डाला। कुंदन के कपड़े तक फाड़ डाले। कॉन्ग्रेसियों के इस बवाल के कारण काफी देर तक अस्पताल में अराजकता का माहौल रहा।
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 26/11 के बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले के प्रस्ताव को तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया था। इससे पाकिस्तान को यकीन हो गया भारत आतंकी हमलों का जवाब नहीं देगा। उसे उम्मीद नहीं थी कि भारत बालाकोट जैसी कार्रवाई कर जवाब देगा।
कोटा में सौ से अधिक बच्चों की मौत को CAA से जोड़ चुके राजस्थान के सीएम ने एक और विवादित बयान दिया है। सीएए वापस नहीं लेने पर उन्होंने विभाजन की बात कही है। जबकि उनके ही डिप्टी सचिन पायलट कह रहे हैं कि कोटा के मामले में सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
यौन शोषण के आरोपित असदुल सलाम की मौत के बाद मजहबी भीड़ ने हिंदुओं के घरों और संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। रेल पटरी को जाम कर दिया। बावजूद बंगाल पुलिस तमाशबीन बनी रही। वह हरकत में तब आई जब उत्पातियों ने बम फेंके और पुलिस भी उसके निशाने पर आ गई।
छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस ने केवल उस वीडियो को ही फेक नहीं बताया है, जिसमें पाकिस्तान में मुल्ले सिखों को धमकी दे रहे हैं। उसने यह भी कहा है कि "दोनों तरफ" (भारत और पाकिस्तान) से फेक वीडियो शेयर हो रहे हैं। सब जानते हैं कि यह "संघी" भाषा है।
सिर्फ मूर्तियों को नष्ट किए जाने की कल्पना मात्र और केवल अल्लाह का नाम ही इस दुनिया में रहना चाहिए, ये सोच मात्र ही इस कविता का विरोध करने के लिए काफी होना चाहिए ना? या फिर लिबरल्स को ये लगता है कि उनकी भावनाएँ दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं?
विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर हमले का वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे पर हमले के बाद पूरे पाकिस्तान में सिख समुदाय के बीच दहशत का माहौल है और कई पाकिस्तानी सिख उन्हें फोन कर अपना डर जता रहे हैं।
बांग्लादेश के लगभग 7 साल पुराने वीडियो को ट्वीट कर इमरान ने दावा किया कि भारतीय पुलिस मुस्लिमों पर अत्याचार कर रही है। वहीं, यूपी पुलिस ने भी साफ़ कर दिया है कि ये वीडियो फर्जी हैं और उनकी ओर से इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बुरी तरह ट्रोल होने के बाद इमरान ने ये वीडियो हटा लिया।