सलीम ने सत्तार कोलिया का बछड़ा चुराया। उसकी हत्या करके अपनी बेटी की शादी के दावत में परोस दिया। FIR के आधार पर फॉरेंसिक जाँच कराई गई। जाँच में यह पाया गया कि मामला वाकई में गौकशी से जुड़ा हुआ था। इसके बाद कोर्ट ने...
दंगाई भीड़ ने हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों की पिटाई कर दी। यहाँ तक कि बच्चों को भी नहीं बख़्शा गया। हिन्दू समुदाय के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
लेखक ने अपने भाषण में अरबी-फारसी शब्दों के इस्तेमाल से बचने और उनकी जगह हिन्दी का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। लेकिन, कृतिका शर्मा ने कई जगहों पर अपनी सहूलियत से फ़ारसी को 'उर्दू' कर दिया। नित्यानंद मिश्र का यह भी कहना है कि उन्होंने केवल "शासन/प्रभुत्व" बनाम "सरकार" शब्दों की बात की थी, लेकिन कृतिका ने रिपोर्ट को सनसनीखेज़ बनाने के लिए "मोदी" जोड़कर "मोदी सरकार" बनाम "मोदी शासन" कर दिया।
बिना एसडीओ की इजाज़त के जनाक्रोश सभा का आयोजन भी किया गया और कई मुस्लिम संगठनों के लोग इसमें शामिल हुए। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जुलूस में बदल गई। फिर जो हुआ उसने सभी सीमाएँ पार कर दी। इस मामले में एजाज़ गद्दी, मौलाना ओबेदुल्लाह कासमी, शमशेर आलम समेत कई अन्य पर FIR दर्ज किया गया है।
जौनपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव के एक मोहल्ले में 12 साल की मासूम शाम के समय कूड़ा फेंकने के लिए घर से बाहर निकली थी। पहले से घात लगाए आरोपितों ने उसे पकड़ लिया और पास के हाते में ले गए। वहाँ परवेज़, साहिल, टनटन समेत अन्य साथियों ने उसका सामूहिक बलात्कार किया।
रिज़वी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कोई भी मुस्लिम महिला सिंदूर लगाती है, चूड़ियाँ पहनती है, मंगलसूत्र पहनती है या बिंदी लगाती है तो यह शरियत के तौर पर हराम नहीं है।
मासूम बच्ची की माँ का कहना है कि वो (आरोपित) बच्ची को टॉफी का लालच देकर बहला-फुसला कर मंदिर ले गया था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बच्ची को अपने साथ ले जाने के दौरान मोहम्मद नन्हे ने उसके साथ खेलने वाले सभी बच्चों को वहाँ से भगा दिया था।