'घूसखोर पंडत' नाम कोई मासूम क्रिएटिविटी नहीं है, यह वही प्रोपेगेंडा है जो बॉलीवुड और नेटफ्लिक्स सालों से इस्तेमाल करते आए हैं, जहाँ पंडित और ब्राह्मण पहचान 'सेफ टारगेट' मानी जाती है।
दुनिया के प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने अपने 30 प्रतिशत कर्मचारियों छँटनी की है। न्यूजरूम से निकाले गए 300 पत्रकारों में ईशान थरूर की भी नौकरी चली गई।
रूस ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने की उसकी नीति न तो नई है।