भारत की बात

शिंगणवाडी का संत, जिनके बताए मार्ग पर चलते थे छत्रपति शिवाजी, चरणों में अर्पित कर दिया था पूरा राज्य: नकारते हैं वामपंथी

समर्थ रामदास से मिलने के लिए छत्रपति शिवाजी खुद पत्र लेकर चाफल के श्रीराम मंदिर के नीचे की पहाड़ी पर शिंगणवाडी के जंगलों में पहुँच गए।

जेल में चूहा नेहरू के लिए ‘टॉर्चर’, झाड़ू लगा और अंग्रेजी बॉन्ड भर सिर्फ 12 दिन में निकले: सावरकर ने 15 साल झेली प्रताड़ना

नेहरू ने अपनी आत्मकथा में भी नाभा की 'प्रताड़ना' का जिक्र किया है - कमरे की ऊँचाई कम थी, वहाँ एक चूहा था, जमीन पर सोना होता था और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं थी।

‘कोई पूज्य फातिमा बीबी को ऐसा कहे तो तुम्हें कैसा लगेगा’: माँ भवानी के अपमान पर बोला 14 साल का बालवीर, सिर धड़ से...

हकीकत राय ने माँ भवानी का अपमान कर रहे मुस्लिम छात्रों से बस इतना ही पूछा कि अगर कोई उनकी पूज्य फातिमा बीबी को ऐसा कहे तो उन्हें कैसा लगेगा?

UNESCO के विश्व धरोहर स्थल: बनारस के गंगा घाट और नर्मदा का भेड़ाघाट शामिल, कांचीपुरम के मंदिर को भी मिली जगह

साल 2020 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर और ओरछा शहरों को यूनेस्को के विश्व धरोहर शहरों की सूची में शामिल किया गया था। ओरछा जहाँ भगवान राम की...

हिन्दू राजाओं ने बसाया, इस्लामी व पुर्तगाली ताकतों ने किया अत्याचार: 3000 वर्ष पुराना है भारत में यहूदियों का इतिहास

ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक बाइबिल में लिखा है कि किस तरह राजा सोलोमन 'ओफिर' नामक स्थान से समुद्र के रास्ते सोने-चाँदी का व्यापार करता था। इस जगह को भारत में ही चिह्नित किया गया है।

आदि शंकराचार्य और ‘शंकर दिग्विजय यात्रा’: 4 दिशा-4 मठ, एक भारत-सशक्त भारत का संकल्प

हिन्दू धर्म से विखंडित हुए पंथ, सनातन धर्म को ही चुनौती देने लगे थे। ऐसे में आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म को पुनर्स्थापित करने का बीड़ा उठाया था।

नेहरू के अखबार का वो पत्रकार, जिसने पोप को दी चुनौती… धर्म परिवर्तन के खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद की रखी नींव

विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना करते समय स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती ने कहा था, “जिस दिन प्रत्येक हिन्दू जागृत होगा और उसे..."

काशी की 400 साल पुरानी परंपरा: बाबा मसाननाथ मंदिर में मोक्ष की आकांक्षा में धधकती चिताओं के बीच नृत्य करती हैं नगरवधुएँ

काशी की महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी, चिता भस्म की होली के बाद एक और ऐसी प्राचीन परंपरा जो अपने आप में अनूठी है वह है मणिकर्णिका घाट महाश्मशान में बाबा मसाननाथ के दर पर नगरवधुओं का नृत्य।

जलियाँवाला नरसंहार वाले जनरल डायर का स्वर्ण मंदिर में सिरोपा दे हुआ था सम्मान, अमरिंदर के पुरखे भी थे अंग्रेजों के वफादार

जलियाँवाला बाग़ नरसंहार के बारे में कौन नहीं जानता। यह नरसंहार अंग्रेज अधिकारी जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर के आदेश पर हुआ था। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अकाल तख़्त ने उसे सिरोपा देकर सम्मानित किया था।

भारतीय गणना ही सर्वोत्तम: विदेशी कैलेंडर गड़बड़ियों की तारीख से भरे, कभी 10 माह का साल तो कभी 10 दिन गायब

रोमन, जूलियन और ग्रेगेरियन कैलेंडरों में खासा कन्फ्यूजन था। अब भी है। कई त्रुटियाँ हुईं। किसी ने सूर्य को आधार माना तो किसी ने चन्द्रमा को। भारतीय प्राचीन कैलेंडर यूँ ही चला आ रहा है - सटीक।

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