22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है। उससे पहले आम लोगों को 'अक्षत निमंत्रण' भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है।
स्मारक के आसपास कई प्राचीन कालीन अस्त्र-शस्त्र रखे हुए हैं। संदीप दास का दावा है कि उन शस्त्रों पर सदियों से जंग नहीं लगा है। स्मारक के ऊपर प्रतीकत्मक तौर पर राम, लक्ष्मण, भारत द्वारा किया गया पिंडदान रखा हुआ है।
हिंदुओं के करीब 500 साल के संघर्ष और सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले ने इस क्षण का आना सुनिश्चित कर दिया था। लेकिन 2024 में ही इस क्षण का आना इसे इतिहास का एक अमिट वर्ष बना जाता है।