वो 8 अगस्त, 1993 का दिन था जब चेन्नई में RSS के दफ्तर हुए बम ब्लास्ट में 11 स्वयंसेवकों की जान चली गई थी। इस्लामी आतंकी 'पलानी बाबा' का नाम आया था सामने।
याचिका में कहा गया है कि नागरहोल राष्ट्रीय आरक्षित वन का नाम पूर्व पीएम राजीव गाँधी के नाम पर केवल एक विशेष राजनीतिक परिवार और पार्टी को खुश करने के लिए रखा गया था।