महफूज उर रहमान तबलीगी जमात को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों को धमकाया है। उसने कहा कि देश के मीडिया हाउस तबलीगी जमात और कोरोना वायरस की आड़ में प्रोपेगेंडा फैलाकर एक समुदाय को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने कहा कि गंगा नदी की धारा में ऑक्सीजन का स्तर काफी हद तक बढ़ गया है और पानी की गुणवत्ता बेहतर हुई है। अब यह पानी नहाने लायक है।
ये सभी लोग 10 लोग जनवरी को इंडोनेशिया से भारत आए थे। श के कई शहरों में इनका मूवमेंट रहा है। फ़िलहाल ये साहिबाबाद इलाक़े में छिप कर रह रहे थे। पुलिस ने इन सभी को क्वारंटाइन के लिए भेजा है। इनको पनाह देने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है।
कौशल्या फाउंडेशन न सिर्फ़ उनलोगों को हाइजेनिक भोजन पहुँचा रहा है, बल्कि उन्हें कोरोना वायरस के ख़तरों के प्रति जागरूक भी कर रहा है। उन्हें सुरक्षा और बचाव के सामान भी दिए जा रहे हैं। इस काम में कई स्वयंसेवक लगाए गए हैं।
पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इंस्पेक्टर आईबी अजमेरी और सब इंस्पेक्टर एसएस डरैया शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान दोनों आहवा कलेक्टर कार्यालय के निकट की मस्जिद में मौलवी और अन्य के साथ सामूहिक नमाज पढ़ने चले गए।
"अपनी पीठ मजबूत करके रखो। चिंता मत करो, तुम्हारी सारी राजनीति मैं निकाल दूँगा। और जितनी %ट तुम्हारी होगी, उतना उखाड़ लेना मेरा। जब बात से समझ न आए तो लात का यूज कर लेना चाहिए। क्योंकि तुम ऐसे नहीं मानोगे।"
प्रतिदिन 523 दिव्यांगों और 1200 से अधिक दिहाड़ी मज़दूर, जरूरतमंदों के छोटे-छोटे समूहों में दोनों समय का भोजन वितरित किया जा रहा है। संगठन मेडिकल हेल्प भी जरूरतमंदों तक पहुँचाने का काम कर रहा है।
कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।
जमात ने पिछले तीन सालों में कितना टैक्स भरा है, उसके बैंक खातों में कहाँ-कहाँ से कितने पैसे आए हैं, इसका विवरण माँगा गया है। इसके अलावा उन विदेशियों और भारतीय जमातियों की लिस्ट भी माँगी गई है, जिन्होंने 12 मार्च के बाद आयोजनों में शिरकत की थी।