इलाज के दौरान ये जमाती कभी इन्हें हाथ लगाने की कोशिश करते हैं तो कभी इनको देखकर सीटी बजाते हैं, जन्नत दिखाने की बात कहते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य तरीके से ये जमाती इनके साथ अभद्रता कर रहे हैं।
तीन दिन से भूखी इन बच्चियों ने काेविड-19 के लिए जारी केंद्र सरकार की हेल्प डेस्क 1800118797 पर फोन कर अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी। और जैसे चमत्कार ही हो गया। एक घंटे भीतर ही इन बच्चियों के पास अधिकारी भोजन लिए दौड़े-दौड़े आए।
फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने यह भी बताया कि बीते दो दिनों में ही अब तक तबलीगी जमात के सदस्यों की वजह से 647 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं जो देश के 14 राज्यों में फैले हुए हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के कारण हुई 12 मौतों में से भी कई तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं।
इससे पहले भी आरएसएस के स्वयंसेवक सिर पर काली टोपी और खाकी हाफ नेकर पहने हाथ में सेनेटाइजर लेकर लोगों के हाथ साफ कराने में लगे हुए थे। वहीं दूसरी दूसरी तस्वीर में स्वयंसेवक हाथ में लाउडस्पीकर लिए लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय बता रहे थे। साथ ही लोगों को घरों से न निकलने की अपील कर रहे थे। इतना ही नहीं स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को मास्क भी बाँटे।
बीजेपी के एक सीनियर नेता ने PM CARES पर कॉन्ग्रेस के विरोध को खुद के स्वार्थों से प्रेरित बताते हुए कहा कि वे सिर्फ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकी PM CARES में PMNRF की भाँति कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को जगह नहीं दी गई है। बीजेपी नेता ने आगे कहा, " इस फंड में बीजेपी से भी कोई नहीं है- ट्रस्ट में जो भी लोग हैं वो सरकार में अपनी पोजीशन की वजह से हैं।"
मुकदमा दर्ज होने के बाद से मौलाना साद फरार है। ऑडियो मैसेज सामने आने के बाद से उसके भी कोरोना संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। ऑडियो में उसने कहा था कि डॉक्टर के कहने पर वह घर पर ही क्वारंटाइन है।
बुजुर्ग की मौत सोमवार को ही मरकज के पास वाली गली में हो गई थी। अब उसकी जाँच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मृतक के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई और साथ ही कहा गया कि उसकी मौत इसी जानलेवा वायरस की वजह से हुई। इस दुकानदार की मौत इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि इसी दुकान से जमात के कई लोग सामान खरीदते थे।