रामचरित्र की नाबालिग बेटी दीपा ने बताया कि 14 फरवरी को उनके पालतू कुत्ते ने उनके पड़ोसी शब्बीर के पोते को काट लिया था। शब्बीर का परिवार इस घटना से नाराज था और उन्होंने आरोप लगाया था कि रामचरित्र के परिवार ने जानबूझकर अपने कुत्ते से शब्बीर के पोते पर हमला करवाया था। दीपा ने बताया कि 8 मार्च को शब्बीर के परिवार ने मौका पाकर कुत्ते पर हमला किया और उसे पीट-पीटकर मार डाला।
पुलिस ने चॉंदबाग में दंगों के दौरान मूसा के फोन को सर्विलांस पे रखा था। बातचीत में मुल्ला का नाम सामने आया था। जब मुल्ला का फोन सर्विलांस पर लिया गया तो वह किसी से बात करते हुए सुनाई पड़ा- हमने एक को गोद दिया।
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 4 मार्च को सेंगर समेत 7 लोगों को इस मामले में दोषी करार दिया था। सेंगर के साथ ही अन्य दोषियों को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है। पीड़िता के पिता की मृत्यु 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में हो गई थी।
दंगाइयों ने हिंदुओं, उनके शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों, दुकानों, घरों, वाहनों को चुन-चुनकर निशाना बनाया था। पहले से तैयार पेट्रोल बम, गुलेल, ईंट-पत्थर आदि बताते हैं कि यह अचानक नहीं हुआ।
तनवीर और गुलफाम दंगों में शामिल थे। इनके पास से कई मोबाइल फोन मिले हैं जिन्हें जॉंच के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेज दिया गया है। इससे पहले अंकित शर्मा की हत्या के मामले में सलमान को गिरफ्तार किया गया था।
"हत्या करने वाले सभी लोगों को पता था कि अंकित IB में काम करते हैं। साजिश कर उनकी हत्या की गई। पहले घसीटकर ताहिर हुसैन के घर ले गए और फिर 1 दर्जन से भी ज्यादा लोगों ने चाकू से वार किया। तड़पा-तड़पाकर मारा और फिर शव नाले में फेंक दिया।"
मोहम्मद हुसैन की मौत मंगलवार को हुई थी। गुरुवार को उनके कोरोना वायरस से भी संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्हें हाई ब्लडप्रेशर और अस्थमा जैसी अन्य शिकायतें भी थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि वे कितने लोगों के संपर्क में आए थे।
ताहिर हुसैन के साथ ही हिंसा फैलाने के अरोपित रियासत अली और दिलबर नेगी के हत्यारोपित शाहनवाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले कोर्ट ने रियासत अली को पुलिस रिमांड पर भेजा था। केंद्र सरकार दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की पहचान तत्परता से कर रही है और दोषियों की गिरफ्तारियाँ कर रही है।
मस्जिद पक्ष द्वारा माँग की जाएगी कि इस मामले की सुनवाई को तत्काल रोक दी जाए। मस्जिद के पक्षकारों का दावा है कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक़ निचली अदालत में इसकी सुनवाई नहीं हो सकती।
योगी आदित्यनाथ 24 मार्च को अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। सीएम योगी राम जन्मभूमि परिसर में बन रहे रामलला के अस्थाई मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद अयोध्या में ही रात्रि प्रवास के बाद सीएम योगी 25 मार्च की सुबह नवरात्र के प्रथम दिन रामलला के नए अस्थाई मंदिर में ही रामलला का पूजन अर्चना करेंगे।