अशफाक के फर्जी सोशल मीडिया अकॉउंट के बारे में पता लगने के बाद जाँच एजेंसियों को उसकी आईडी में मौजूद संजय नाम के अकॉउंट पर शक हुआ। पूछताछ हुई तो पता चला कि अशफाक के अलावा मोइनुद्दीन भी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से मौजूद है।
कार चोरी के कई मामलों में पुलिस को बौने जमशेद की सीसीटीवी फुटेज मिली थी, लेकिन कम लंबाई के चलते पुलिस को लगता था कि वो बच्चा है और उसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता था। बौना क़द होने की वजह से किसी और को भी उस पर शक़ नहीं होता था, जिस कारण से वो...
"सिर्फ़ भारत के यूज़र्स के लिए आपत्तिजनक विषयवस्तु को निष्क्रिय या ब्लॉक करना काफ़ी नहीं होगा क्योंकि यहाँ रह रहा यूज़र उस विषयवस्तु को किसी अन्य माध्यम से भी देख सकता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर आपत्तिजनक पोस्ट से संबंधित वीडियो लिंक्स को निष्क्रिय किया जाए।"
अशफाक और मोइनुद्दीन कमलेश तिवारी की हत्या करके लखनऊ के होटल से बरेली गए। वहाँ उन्होंने मौलाना कैफी अली से संपर्क किया था और तीन घंटे तक वह उसी मौलाना के घर में रुके। बाद में कैफी ने ही दोनों हत्यारों के रुकने की व्यवस्था मदरसे में करवाई।
बच्चों के साथ बातचीत के दौरान, यह पाया गया कि स्कूल में बच्चों ने न तो कभी 'राष्ट्रगान' गाया और न ही आधिकारिक रूप से स्वीकृत प्रार्थना 'वो शक्ति हमें दयानिधि' गाई। बच्चों ने बताया कि उन्होंने हमेशा 'लब पे आती है दुआ' का ही पाठ किया है।
झारखंड के गढ़वा जिले में भाजपा नेता गोपाल चौरसिया की गला रेतकर हत्या कर दी गई। जिस समय बदमाशों ने धारधार हथियार से भाजपा नेता पर हमला किया, उस वक्त वे बाइक से अपने घर लौट रहे थे।
सुबह तकरीबन 10 बजे गाजीपुर जिले के बहरियाबाद थाना क्षेत्र में पड़ने वाले हुर्मुज़पुर हॉल्ट के पास उन लोगों ने मार पीट की और इसके बाद उन्होंने राजीव गौतम को बोगी की आपातकालीन खिड़की से धक्का मारकर बाहर फेंक दिया।
कमलेश तिवारी की हत्या करने से पहले मौलाना मोहसिन ने शरीयत का हवाला देकर अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन का ब्रेन वॉश किया था। जिसके कारण वे दोनों पकड़े जाने के बाद भी अपने अपराध को वाजिब-उल-कत्ल मानकर संतुष्ट हैं। उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।