टीएमसी छात्र संगठन से जुड़े छात्र अन्य छात्रों से 'ममता बनर्जी जिंदाबाद' का नारा लगाने को कह रहे थे, लेकिन जब दूसरे छात्रों ने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्होंने एक सीनियर छात्रा से मारपीट की। जब प्रोफेसर सुबरता चट्टोपाध्याय छात्रों को टीएमसी के छात्र संघ से बचाने के लिए बीच में आए तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनपर भी हमला कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोग उन्हें न तो पूजा करने देते हैं और न ही मंदिर का निर्माण करने दे रहे हैं। विरोध करने पर समुदाय के लोग लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर देते हैं।
भीमा कोरेगाँव की जाँच के दौरान पुणे पुलिस को आरोपित रोना विल्सन और सुरेंद्र गण्डलिक के लैपटॉप से कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। गौतम नवलखा और कुछ नक्सल समूह साल 2011 से ही पाकिस्तानी आंतकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से सपर्क में थे। इसके अलावा साल 2011 से 2014 के बीच मे गौतम कश्मीर के अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी और शकील बख्शी के भी सम्पर्क में थे।
इस मामले में घटना के बाद ही तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका था, लेकिन बाद की जाँच में पुष्पेंद्र शेखावत और कांस्टेबल सत्यप्रकाश को गलती के लिए जिम्मेदार माना गया।
उस दिन मंदिर के महाप्रसाद को 40 हजार से ज्यादा लोगों ने खाया था। दहशतगर्दों की साजिश थी कि महाप्रसाद में जहर मिलाकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की जान ली जा सके।
केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री रेड्डी ने कहा कि साम्प्रदायिक तनाव और हिंसा से निपटने के लिए नया कानून बनाने की जरूरत नहीं है। केन्द्र सरकार समय-समय पर राज्य सरकारों को इस बारे में खुफिया जानकारियाँ साझा करने के साथ-साथ परामर्श भी जारी करती रहती है।
गुलशनजहाँ को जब तीसरी बेटी पैदा हुई, तो बौखलाए ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। फिर 20 जुलाई को उसके शौहर ने तीन तलाक देकर उससे सारे संबंध खत्म करते हुए दूधमुँही बच्ची के साथ घर से निकाल दिया।
शाहीन को कट्टरपंथियों का डर नहीं। वे कहती हैं, "हम ऐसे देश में रहते हैं जहां सभी को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए। यदि मैं दूसरे धर्म के बारे में भी सीखती हूॅं तो इसमें क्या गलत है। हर धर्म प्यार करना सीखाता है।"