Homeदेश-समाजकानपुर छेडख़ानी की शिकायत करने गई युवती के साथ अभद्रता करने वाला पुलिसकर्मी निलंबित

कानपुर छेडख़ानी की शिकायत करने गई युवती के साथ अभद्रता करने वाला पुलिसकर्मी निलंबित

कानपुर में छेड़छाड़ से परेशान होकर एक युवती थाने पहुँची थी। लेकिन थाने में उसके साथ अभद्रता की गई। बदसलूकी करने वाला कोई और नहीं थाने में ही मौजूद एक पुलिसकर्मी निकला।

कानुपर में एक मामला सामने आया है जिसमें एक पुलिसकर्मी महिला से बदसलूकी करते हुए पाया गया। बुधवार (जुलाई 24, 2019) को छेडख़ानी की शिकायत लेकर अपनी माँ के साथ गई युवती ही थाना में अभद्रता का शिकार हो गई। थाना में युवती तथा उसकी माँ से अभद्रता करने का वीडियो वायरल होने पर आरोपित दीवान तारबाबू को निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, कानपुर में छेड़छाड़ से परेशान होकर एक युवती थाने पहुँची थी। लेकिन थाने में उसके साथ अभद्रता की गई। बदसलूकी करने वाला कोई और नहीं थाने में ही मौजूद एक पुलिसकर्मी निकला। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसके बाद आरोपित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

वीडियो में पुलिसकर्मी युवती से कहते हुए सुना जा रहा है, “हाथ में पाँच-पाँच अँगूठियाँ और कड़ा पहनती हो, इसी से पता चलता है कि तुम क्या हो।” पुलिसकर्मी की पहचान थाने में तैनात दीवान के तौर पर हुई है, जिसका नाम तारबाबू है।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद तारबाबू को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -