जिस फैक्ट्री में तलाकशुदा हिन्दू पीड़िता नौकरी करती थी उसी में अकील ठेकेदार था। उसने अपना नाम बउआ बताया और पीड़िता से जान-पहचान बढ़ा ली और फिर होटल में ले जाकर रेप किया।
आतंकी के महिमामंडन का बीजेपी ने विरोध किया, लेकिन आतंकवादियों को जेल में मालिश की सुविधा देने वाली डीएमके सरकार ने इसे नजरअंदाज किया और विरोध प्रदर्शन करने वालों को ही हिरासत में ले लिया।