लिबरल-वामपंथी गैग कहती है कि लव जिहाद जैसा कुछ नहीं है... अगर ये सच है तो फिर क्यों नाम छिपा कर लड़कियों को फँसाया जाता है और फिर उनपर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जाता है।
रवि नेगी ने मुस्लिम दुकानदारों से कहा- जब आपकी हमारी कोई लड़ाई नहीं है तो फिर आप लोग क्यों मुस्लिम नाम छिपाकर हिंदू बस्ती में काम करते हो। असली नाम बोर्ड पर लिखो।
सिद्दीकी अपनी बीवी और उसके परिवार व रिश्तेदारों समेत बांग्लादेश से भारत पश्चिम बंगाल के मालदा को क्रॉस करके पहुँचा था। 2014 में उसने भारत में एंट्री ली थी। 2018 के बाद वो बेंगलुरु में रहता था।