Homeदेश-समाज'मेला घूमना इस्लाम में हराम, बाहर ना निकलें मुस्लिम बहन-बेटी: रतलाम के शहर काजी...

‘मेला घूमना इस्लाम में हराम, बाहर ना निकलें मुस्लिम बहन-बेटी: रतलाम के शहर काजी का फरमान, गरबा पंडालों में लगा बैनर- गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित

चिट्ठी के वायरल होने के बाद आसिफ अली ने कहा कि मुस्लिम महिलाएँ वैसे भी बाहर नहीं जाती, क्योंकि इस्लाम में पर्दे का हुक्म है। आजकल के माहौल को देखते हुए मुस्लिम युवक-युवती न जाएँ। माहौल अभी गर्म है और लोगों के बयान भी आ रहे हैं। इसलिए मुस्लिमों से घर में रहकर नमाज़ पढ़ने और इबादत करने की सलाह दी गई है।

नवरात्रि का त्योहार देश भर में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इस बीच मध्य प्रदेश के रतलाम में गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। शहर के सभी गरबा पंडालों में इसको लेकर बैनर लगाए गए हैं। उधर, शहर काजी अहमद अली ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से घर में रहने की अपील की और कहा कि मेला-बाजार घुमना इस्लाम के खिलाफ है।

इसको लेकर अहमद अली ने एक पत्र भी जारी किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है, “मुस्लिम अवाम से गुजारिश है कि नौजवान, माँ, बहन और उम्मत की बेटियाँ नवरात्रि पर न ही मेले में जाएँ और न ही गरबा देखने जाएँ। हालात को मद्देनजर रखते हुए अपने घरों में रहें। बाजार, मेलों में घूमना दीन-ए-इस्लाम में जायज नहीं है। लिहाजा, ऐसे गैर-दीनी मामलात में सख्ती से बचा जाए।”

बता दें कि जिले के 735 स्थानों पर गरबा का आयोजन हो रहा है। हिंदू संगठनों और गरबा आयोजन समिति ने इस बार फैसला लिया है कि गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं को नहीं घुसने दिया जाएगा। इसके साथ ही अश्लील वस्त्रों में भी प्रवेश पर रोक लगाई गई है। गरबा के दौरान बॉलीवुड गाने भी नहीं बजेंगे। शराब पीकर आने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।

चिट्ठी के वायरल होने के बाद आसिफ अली ने कहा कि मुस्लिम महिलाएँ वैसे भी बाहर नहीं जाती, क्योंकि इस्लाम में पर्दे का हुक्म है। आजकल के माहौल को देखते हुए मुस्लिम युवक-युवती न जाएँ। माहौल अभी गर्म है और लोगों के बयान भी आ रहे हैं। इसलिए मुस्लिमों से घर में रहकर नमाज़ पढ़ने और इबादत करने की सलाह दी गई है।

नवरात्रि को लेकर रतलाम पुलिस अलर्ट मोड पर है। पंडालों की सुरक्षा के लिए 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 40 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अवैध प्रवेश को रोकने के लिए तीन अलग-अलग बैरियर बनाए गए हैं। जिले में 62 और शहर में 28 स्थान संवेदनशील हैं। इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -