मुफ़्ती मेहँदी ने पीड़िता से कहा, "पुलिस से बताओगी तो तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को जान से खत्म कर दूँगा।" डरी-सहमी पीड़िता ने आखिरकार सारी बात अपनी माँ को बता दी।
पुलिस ने इन्हें रुकने का इशारा किया तो बाइक सवारों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने बार-बार चारों को सरेंडर करने के लिए कहा पर उन्होंने गोलियाँ बरसानी जारी रखीं।