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‘तुम्हारी मां-बहनों की गंदी तस्वीरें तुम्हारे ही दरवाजे पर लगाऊँगा’: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को TMC नेता ने धमकाया, CBI ने संदीप घोष सहित 4 को गिरफ्तार किया

इन चार लोगों में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का भी नाम है। इसके अलावा बिप्लव सिंहा (वेंडर), सुमन हजारा (वेंडर) और अफसर अली (संदीप घोष के अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी) भी हिरासत में लिए गए हैं।

कोलकाता के आर जी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से हुए रेप और हत्या मामले में केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई ने 4 लोगों को हिरासत में लिया हैं। ये एक्शन इस मामले में अब तक बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। जानकारी के मुताबिक, इन चार लोगों में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का भी नाम है। इसके अलावा बिप्लव सिंहा (वेंडर), सुमन हजारा (वेंडर) और अफसर अली (संदीप घोष के अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी) भी हिरासत में लिए गए हैं।

अब आगे सीबीआई इस मामले की जाँच करेगी। एक ओर इस मामले में संदीप घोष की संलिप्ता पर लगातार सवाल उठ रहे है तो दूसरी तरफ हीं अस्पताल में हुई अन्य गड़बड़ियों के कारण अस्पताल विवादों में हैं।

वित्तीय अनियमतताओं से जुड़े मामले में तो ईडी ने भी नजर बनाई हुई है। वहीं 4 लोगों पर कार्रवाई की सूचना से पहले इस मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस ने भी एक एक्शन लिया था। उन्होंने अपने उस नेता को पार्टी से एक साल से निलंबित कर दिया था जिसने आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के लिए इंसाफ माँगने वाले प्रदर्शनकारियों को धमकाया था।

नेता का नाम आतिश सरकार है। टीएमसी ने उसे एक साल के लिए पार्टी से निलंबित किया है। नॉर्थ 24 परगना के अशोक नगर से आने वाले आतिश ने प्रदर्शनकारियों को धमकाते हुए कहा था,

“तुम लोग जो दीदी को गाली दे रहे हो, उनका चरित्र हनन करने में लगे हो। अगर हम तुम्हारी माँ और बहनों के अश्लील पोस्टर बनाकर उन्हें दीवारों पर लगा दें तो तुम उसे हटा नहीं पाओगे। मैं तुम्हारी माँ-बहनों की एडिटिड फोटो तुम्हारे दरवाजों पर टाँगूगा तब तुम घर से बाहर तक नहीं निकल पाओगे… संभल जाओ। टीएमसी के लोग सड़कों पर आ गए हैं। अगर हमने हर इलाके में घूमना शुरू कर दिया क्या तुम अपने घरों से निकल पाओगे।”

बता दें कि 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में नाइट ड्यूटी के दौरान महिला डॉक्टर से रेप के बाद हत्या की गई थी। इस मामले में जब अन्य डॉक्टर इंसाफ माँगने प्रदर्शन पर उतरे तो उन्हें उपद्रवियों द्वारा डराया-धमकाया गया था। साथ ही अस्पताल में भी तोड़फोड़ हुई थी। इसके बाद टीएमसी पर काफी सवाल उठे और ममता सरकार द्वारा एक्शन न लिए जाने की निंदा की जाने लगी। इस बीच आतिश सरकार द्वारा ये धमकी आई लेकिन इस पर पार्टी ने एक्शन लेते हुए नेता को पार्टी गतिविधियों से एक साल के लिए दूर कर दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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