अजेंद्र अजय ने कहा कि सीएम धामी से साधु-संतों और जनप्रतिनिधियों ने अनुरोध किया था, ऐसे में वो धार्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए, इसमें सरकारी पैसा नहीं लगा है ।
पुलिस ने दोनों की पहचान नसीबुद्दीन और मुर्तजा हसन के रूप में की। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए और जाँच के बाद पाया कि उनके फोन में कई आपत्तिजनक वीडियो हैं।
मौलाना अकरम की मौत गोली लगने की वजह से हुई थी, लेकिन इस्लामिक कट्टरपंथियों ने इसे हिंदुओं द्वारा की गई हत्या बताया था और सोशल मीडिया पर हिंदुओं को लेकर तमाम आरोप लगाए गए थे।
लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडिमिनिस्ट्रेशन अकेडमी ने महाराष्ट्र सरकार को भी सूचित कर दिया है कि पूजा खेडकर की ट्रेनिंग होल्ड कर उन्हें मसूरी तलब किया गया है।