जब CJP का एजेंडा एक्सपोज हुआ, तो 'आंदोलनजीवी' योगेंद्र यादव ने 'पंचशील' का प्रपंच रच डैमेज कंट्रोल किया। इसमें 'जय भीम' और 'इंकलाब जिंदाबाद' से हिंदुओं को गुमराह किया जाता रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी का 'संसद मार्च' क्या दिल्ली को हिंसा की आग में झोंकने की साजिश है, क्योंकि 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों का पैटर्न भी ऐसा ही था। अभी सिर्फ मुखौटा बदल गया है।
एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।