विचार

इतिहास की भूल सुधार या नई सियासी जंग? ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ के ‘गोपाल मुखर्जी रोड’ बनने से लगी कॉन्ग्रेसियों के ‘अंग विशेष’ में आग: जानें...

कोलकाता में 'सुहरावर्दी एवेन्यू' का नाम अब 'गोपाल मुखर्जी रोड' हुआ। कॉन्ग्रेस-वामपंथियों ने ध्रुवीकरण का आरोप लगाकर कड़ा विरोध जताया है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: केवल आसन नहीं, आधुनिक जीवन की बिखरती कड़ियों को जोड़ने का भारतीय सूत्र है योग

योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज और विश्व को जोड़ने वाली भारतीय जीवन पद्धति है। पढ़िए विशेष लेख।

तुमसे ना हो पाएगा दिपके… तुम्हारे ‘लक्षण’ बिलकुल ठीक नहीं लग रहे ‘तिलचट्टों’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का दूसरा प्रदर्शन भी फ्लॉप रहा। इसके बाद अभिजीत दिपके ने अपने तिलचट्टों को भड़काने की कोशिश की।

आरफा जी, बेवकूफ तो आपने उन सेकुलर हिंदुओं को बनाया है जिन्होंने आपको ‘पत्रकार’ समझा

आरफा अगर इस्लामी कट्टरपंथियों के बचाव का काम और भारत सरकार की बुराई करना वो छोड़ दें तो उन्हें उनके अपने दर्शक ही नहीं पूछेंगे।

क्या अकाल तख्त के आदेश पर CM इस्तीफा दे दें? भगवंत मान विवाद और टिवाना का ऐतिहासिक सबक: जब जिन्ना के दवाब में झुके...

क्या धार्मिक संस्थाएँ निर्वाचित नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर सकती हैं? खिज्र हयात टिवाना के बहाने भगवंत मान विवाद का पूरा विश्लेषण।

‘हर हिंदू घर में है संभावित हत्यारा-बलात्कारी’: वामपंथी अपूर्वानंद ने हिंदुओं के खिलाफ फिर उगला जहर, मुस्लिमों को बताया पीड़ित

यूट्यूब चैनल 'सत्य हिंदी' पर वामपंथी अपूर्वानंद ने फिर हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला। कहा कि हर हिंदू घर में संभावित हत्यारा-बलात्कारी छिपा हुआ।

‘राख’ पहली नहीं: ‘तांडव’ में हिंदू देवताओं का मजाक, ‘दहाड़’ में लव जिहाद पर पर्दा, ‘पाताल लोक’ में हिंदू-सिखों की नकारात्मक छवि; लंबी है...

किरदारों की पहचान बदलना, हिंदुओं को खलनायक और मुसलमानों को पीड़ित दिखाना: ‘दहाड़’ से ‘राख’ तक Prime Video के शोज में दिखता एक जैसा पैटर्न।

PM नरेंद्र मोदी के 4399 दिन: यात्रा एक ऐसे जननेता की, जिनके लिए राजनीति है राष्ट्रनिर्माण की साधना, सेवा का दायित्व

4,399 दिन केवल कैलेंडर की गिनती नहीं हैं। ये दिन सेवा के हैं, संघर्ष के हैं, संकल्प के हैं, अनुशासन के हैं, तपस्या के हैं और करोड़ों भारतीयों के विश्वास के हैं।

एल्गोरिदम के बँधुआ मजदूर… ‘अटेंशन इकॉनमी’ का डिजिटल सर्वहारा

जब मृत शरीर भी वायरल कंटेंट बन जाए, तब सवाल केवल संवेदनशीलता का नहीं बल्कि पूरे डिजिटल कल्चर के पतन का होता है।

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से...

आइए जानते हैं CJP के प्रदर्शन में घुसकर वामपंथी एजेंडे को हवा देने वाली नेहा बोरा कौन हैं और कैसे वो ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलती आईं हैं।

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