तुम्हारे (मुस्लिम) 'मर्द' 'हैंडसम' और 'खूबसूरती' नहीं है आरफा और निवेदिता, वे महिलाओं को सुरमा लगाकर नहीं फँसाते बल्कि माथे पर टीका और हाथ में कलावा पहनकर आते हैं।
कॉन्ग्रेस के 'दरबारी' रामचंद्र गुहा ने अपने लेख में कॉन्ग्रेस को 'पारिवारिक फर्म' बताकर गाँधी परिवार की क्षमताओं पर सवाल उठाया। इस पर कॉन्ग्रेसियों ने उनके 'इतिहासकार' वाले लाइसेंस को कैंसिल किया।
कुणाल कामरा के शो में जब पत्रकारिता की 'सस्ती आलिया भट्ट' मनीषा पांडे पहुँची तो बेकाबू हो गई। अपने शो के पाकिस्तानी दर्शक होने का ऐसे बखान किया जैसे ये कोई 'तमगा' हो।