संघ ने समाज सेवा, स्वदेशी, शिक्षा, ग्राम-विकास, आपदा-राहत, वनवासी कल्याण और सामाजिक समरसता आदि अनेक क्षेत्रों में काम करते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है।
अपूर्वानंद ने 'द वायर' में लेख लिखकर यह साबित करने की कोशिश की है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की वकालत करने वाली सैयदा असल में मासूम हैं, जिस लोग नहीं समझ रहे हैं।