कॉन्ग्रेस नेता विक्रांत चव्हाण। विवादों से पुराना नाता। 2015 में एक बिल्डर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित। कुछ समय जेल में। इसके बाद 3 पार्षदों, नेताओं और बिल्डरों का नेक्सस बनाने का आरोपित। अघोषित संपत्ति के कारण इनके घर पर पड़ चुकी है रेड। लेकिन कॉन्ग्रेस ने फिर भी टिकट दिया।
"अगर, कोई कोर्ट में हमारे ख़िलाफ़ याचिका दायर कर हम पर उन प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कोई एक्शन न लेने का आरोप लगाता है, जिन्होंने उस दिन बैरीकेड तोड़े और मुख्यमंत्री के पास पहुँच गए, तो ये एफआईआर उन आरोपों में खारिज करने में मददगार होगी।"
विधायक फराज फातमी ने न केवल पार्टी के स्टैंड का विरोध किया है, बल्कि नीतीश कुमार को राज्य का सबसे बड़ा चेहरा भी बताया है। उन्होंने कहा, "बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है। 2020 में भी वही सरकार बनाएँगे।"
दिल्ली सरकार की तरफ़ से इस मामले में राहुल मेहरा जिरह कर रहे हैं। मेहरा ने अदालत में बताया कि निर्भया के गुनहगारों को 22 जनवरी की तय तारीख़ पर फाँसी नहीं दी जा सकती। उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि......
"मनीष सिसोदिया ने मुझे अपने घर पर बुलाया और बताया कि राम सिंह 20-21 करोड़ रुपए देकर मेरी विधानसभा सीट से टिकट माँग रहा है। उन्होंने मुझसे 10 करोड़ रुपए माँगे, लेकिन मैं वहाँ से मना करके चला आया।"
गहलोत ने कहा था कि राजस्थान में किसी बच्चे की मौत पर उसके घर जाकर पीड़ित परिजनों से मिलने की परंपरा नहीं रही है। इसका जवाब देते हुए पायलट ने कहा है कि अगर ऐसी परंपरा नहीं रही है, तो ये परंपरा डालनी चाहिए।
15 विधायकों को बेटिकट कर पार्टी ने 5 ऐसे चेहरों पर दॉंव लगाया है जो उम्मीदवारों की सूची जारी होने से 24 घंटे पहले ही पार्टी में शामिल हुए थे। सूची जारी होने के बाद आप में बगावत भी तेज हो गई है।
राज्य में शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के गठजोड़ में नवाब मलिक ने अहम भूमिका निभाई थी। एनसीपी उन्हें राज्य के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में पेश करती रही है। उनके भाई का वीडियो वायरल होने पर उनका कोई बयान नहीं आया है।
कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर जब भी कोई बयान देते हैं या फिर कोई अजीबोगरीब हरकतें करते हैं, उसका फ़ायदा भाजपा को ही मिलता है। शायद यही कारण है कि पार्टी उन्हें एकांतवास में रखती है। लेकिन वो अचानक से बीच-बीच में निकल आते हैं और अपनी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा देते हैं।
जहाँ एक तरफ़ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पदयात्रा कर के लगातार इस क़ानून के विरोध में रैलियाँ कर रही हैं, सीएए के समर्थकों को रोकने के लिए कई इलाक़ों कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है। रैली में शामिल होने वाले लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है।