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​सिसोदिया ने माँगे ₹10 करोड़, नहीं दिए तो नेताजी को बेच दिया टिकट: AAP विधायक

"जिन भूमाफियाओं के खिलाफ लड़ाई में कार्यकर्ताओं ने लाठियाँ खाई। गालियाँ मिली। थाने गए। जेल गए। अपमान सहा। आज, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के त्याग और बलिदान का सौदा कर लिया गया।"

दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया था। कई नए चेहरों को मौका देते हुए पार्टी उस कुछ विधायकों का पत्ता साफ़ कर दिया है। इसके कारण पार्टी में बगावत तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व पर टिकट बेचने के आरोप भी लगे हैं। जिन विधायकों का टिकट पार्टी ने काट दिया है उनमें एक नाम एनडी शर्मा का भी है। शर्मा बदरपुर से विधायक हैं। आप ने इस बार उनकी जगह राम सिंह नेताजी को टिकट दिया है।

इससे नाराज शर्मा ने आप को देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी करार देते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। मीडिया से बात करते हुए आप विधायक शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अ​रविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 21 करोड़ रुपए लेकर राम सिंह को टिकट दिया है। उन्होंने कहा, “मनीष सिसोदिया ने मुझे अपने घर पर बुलाया और बताया कि राम सिंह 20-21 करोड़ रुपए देकर मेरी विधानसभा सीट से टिकट माँग रहा है। उन्होंने मुझसे 10 करोड़ रुपए माँगे, लेकिन मैं वहाँ से मना करके चला आया।”

शर्मा ने अपने ट्विटर अकॉउंट से भी आम आदमी पार्टी की निंदा की हैं। उन्होंने लिखा, “जिन भूमाफियाओं के खिलाफ लड़ाई में कार्यकर्ताओं ने लाठियाँ खाई। गालियाँ मिली। थाने गए। जेल गए। अपमान सहा। आज, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के त्याग और बलिदान का सौदा कर लिया गया।”

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पार्टी ने जिस नेता को टिकट दिया है, 2015 के चुनाव में उसकी जमानत जब्त हो गई थी। एनडी शर्मा ने कहा कि वह बदरपुर की जनता के साथ खड़े हैं। साथ ही चेतावनी दी कि वह चुनाव मैदान में उतरेंगे। राम सिंह नेताजी हाल ही में कॉन्ग्रेस छोड़ आप में शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि एक समय में आम आदमी पार्टी को खड़ा करने में अपनी जी जान लगाने वाले कुमार विश्वास अब पार्टी से आहत होकर पार्टी से अलग हो चुके हैं। वे एनडी शर्मा के ट्वीट को शेयर करके भी पार्टी पर तंज कस रहे हैं और दिलीप पांडे जैसे लोगों को टिकट देने पर उनकी खिल्ली उड़ा रहे हैं। वे दिलीप पांडे को टिकट दिए जाने पर लिखते हैं, “जिन लोगों से हम 2013 में पिटे, हमने संघर्ष किया, 2020 में उन्हें ही बुलाकर टिकट दे दिया। “

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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