HomeराजनीतिNRC पर RJD में भी फूट: विधायक फराज़ फातमी ने कहा- पता नहीं रैली...

NRC पर RJD में भी फूट: विधायक फराज़ फातमी ने कहा- पता नहीं रैली क्यों निकाल रहे तेजस्वी

तेजस्वी राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद विधायक दल के नेता हैं। पार्टी में बगावती सुर ऐसे वक्त में उठे हैं जब पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के कारण जेल में बंद हैं। सीएए और एनआरसी के खिलाफ तेजस्वी की प्रतिरोध यात्रा 16 जनवरी से निकलेगी।

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) के मसले पर बिहार के मुख्य विपक्षी दल में फूट पड़ती दिख रही है। पार्टी के स्टैंड को लेकर एक अल्पसंख्यक विधायक ने ही आपत्ति जताई है। NRC के विरोध में RJD की रैली पर फराज़ फातमी ने एतराज जताया है। उन्होंने कहा है, “मुझे नहीं पता कि वे (तेजस्वी यादव) एनआरसी के खिलाफ रैली क्यों निकाल रहे हैं। राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा यह सरकार कह चुकी है।”

तेजस्वी राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद विधायक दल के नेता हैं। पार्टी में बगावती सुर ऐसे वक्त में उठे हैं जब पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के कारण जेल में बंद हैं। सीएए और एनआरसी के खिलाफ तेजस्वी की प्रतिरोध यात्रा 16 जनवरी से निकलेगी। इतना ही नहीं फराज ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य का सबसे बड़ा चेहरा बताकर भी सियासत गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा, “बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है। 2020 में भी वही सरकार बनाएँगे।”

फराज ने ये बातें बुधवार को JDU के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के बाद कही। वे दरभंगा के केवटी से विधायक हैं। उनके पिता अली अशरफ फातमी राजद के वरिष्ठ नेता और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने राजद छोड़ जदयू का दामन थाम लिया था। ताजा बयान से फराज ने भी अपने तेवर जाहिर कर दिए हैं।

वैसे सीएए और एनआरसी को लेकर विपक्षी दलों के भीतर मतभेद की यह पहली घटना नहीं है। राजद की सहयोगी कॉन्ग्रेस को भी कई राज्यों में इस स्थिति से जूझ रही है। मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह और हरदीप सिंह डांग पार्टी के स्टैंड का विरोध कर चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि अब दूसरे मजहब के लोग भी इसका विरोध नहीं कर रहे। वहीं, डांग ने कहा था कि CAA पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए है, जो बहुत ही अच्छी बात है। गोवा में भी कॉन्ग्रेस के चार नेताओं ने इस मसले पर पार्टी छोड़ दी थी। इन नेताओं का कहना था कि पार्टी अल्पसंख्यकों खासकर, समुदाय विशेष को बरगलाने की कोशिश कर रही है।

दलित हैं पटना हनुमान मंदिर के पुजारी, भूल गए अयोध्या राम मंदिर में जाति घुसेड़ने वाले RJD नेता

5 सीट की लड़ाई में टूट गया महागठबंधन! कॉन्ग्रेस, RJD की बैठक तक नहीं, छोटे दल भी उतार रहे उम्मीदवार

प्रेमी आसिफ़ के साथ RJD विधायक की भतीजी की मिली लाश, हत्या-आत्महत्या में उलझी गुत्थी

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -