अमेरिकी राजनयिकों और भारतीय विपक्षी नेताओं के बीच हाल ही में हुई बैठकों को लेकर विशेषज्ञ इस बात की चिंता जता रहे हैं कि अमेरिका भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है और यह आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
जाँच में पता चला कि सादत हुसैन अल्फी की आईडी से जो पोस्ट हुआ, उसने खुद ही किया था। इसके बाद से एनआईटी सिलचर से माँग की जा रही है कि वो सादत हुसैन अल्फी के सर्टिफिकेट न जारी करे और उस पर रोक लगा दे।
कॉल पर गालियाँ भी दी जा रही हैं। गाँव से फोन कर के कहा गया कि पैसे देकर सुलह कर लो तो छोड़ दिया जाएगा। गाय उठा ले जाने की भी धमकी। मंदिर की करनी पड़ रही सुरक्षा।