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जिस थाली में खाया, उसी में थूका: बांग्लादेशी छात्र ने NIT सिलचर में की B. Tech की पढ़ाई, वापस जाकर भारतीयों को बताने लगा कुत्तों से ‘गया-गुजरा’

सादत हुसैन अल्फी ने फेसबुक पर मीम - "कुत्तों और भारतीयों का प्रवेश वर्जित है", शेयर किया है, जिसमें 'कुत्तों' शब्द को काट दिया गया है। इसका अर्थ होता कि भारतीय लोग कुत्तों से भी गए-गुजरे हैं और उन्हें बांग्लादेश में एंट्री की परमिशन नहीं है।

असम के सिलचर एनआईटी में पढ़ाई कर चुका सदात हुसैन अल्फी नाम का बांग्लादेशी छात्र अब भारतीयों को कुत्तों से भी गया-गुजरा बता रहा है। सादत हुसैन अल्फी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भारत के खिलाफ जहर उगलता दिखा है। उसके खिलाफ छात्रों ने ही एफआईआर दर्ज कराई है, तो गृह मंत्रालय से भी शिकायत की है। इस बीच, सादर हुसैन अल्फी का भारत विरोधी कंटेंट लाइक करने वाली बांग्लादेशी छात्रा मईशा महजबीन को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है।

सादर हुसैन अल्फी की पोस्ट पर भड़का गुस्सा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिलचर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई करने वाला बांग्लादेशी छात्र सादत हुसैन अल्फी बांग्लादेश वापस जाकर भारतीयों के खिलाफ आग उगर रहा है। उसने फेसबुक पर मीम – “कुत्तों और भारतीयों का प्रवेश वर्जित है”, शेयर किया है, जिसमें ‘कुत्तों’ शब्द को काट दिया गया है। इसका अर्थ होता कि भारतीय लोग कुत्तों से भी गए-गुजरे हैं और उन्हें बांग्लादेश में एंट्री की परमिशन नहीं है।

खास बात ये है कि सादत हुसैन अल्फी NIT में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ( ICCR ) के ग्रांट पर पढ़कर बांग्लादेश लौट चुका है। वो सोशल मीडिया पर भारत विरोधी कंटेंट शेयर कर रहा है। एनआईटी सिलचर में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि सादत हुसैन अल्फी बांग्लादेश की कट्टरपंथी खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी से जुड़ा हुआ है। उसके पोस्ट के बाद भारतीयों ने तुरंत उसकी शिकायत की और एफआईआर दर्ज कराई।

इस पूरे मामले की पुलिस शिकायत के बाद जाँच में पता चला कि सादत हुसैन अल्फी की आईडी से जो पोस्ट हुआ, उसने खुद ही किया था। इसके बाद से एनआईटी सिलचर से माँग की जा रही है कि वो सादत हुसैन अल्फी के सर्टिफिकेट न जारी करे और उस पर रोक लगा दे।

सदात हुसैन का फेसबुक पोस्ट

कछार पुलिस ने मामले को लेकर एक्स पर पोस्ट किया और घटना को स्वीकार किया। कछार पुलिस ने लिखा, “सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के प्रसार के जवाब में, एक व्यापक जांच की गई, जिसमें संस्थान का दौरा और अधिकारियों और छात्रों के साथ बातचीत शामिल थी। जाँच में पता चला कि आपत्तिजनक पोस्ट एक छात्र द्वारा की गई थी।”

पुलिस ने आगे बताया, “एनआईटी सिलचर का पूर्व छात्र सदात हुसैन अल्फी, जो वर्तमान में बांग्लादेश में रह रहा है। उसके मामले में हम कड़ी निगरानी रख रहे हैं। इस मामले में एनआईटी सिलचल सक्षम अधिकारियों के साथ संपर्क में है। शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।”

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईटी सिलचर में पढ़ने वाली बांग्लादेशी छात्रा मईशा महजबीन ने भारत विरोधी पोस्ट लाइक की, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग होने लगी। इस बीच, उस छात्रा को पुलिस सुरक्षा के बीच बांग्लादेश की सीमा पर छोड़ दिया और बांग्लादेश भेज दिया गया। हालाँकि एनआईटी सिलचर की तरफ से कहा है कि वो छात्रा खुद ही बांग्लादेश जाना चाहती थी, इसलिए सीमा तक उसके लिए सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी।

एनआईटी सिलचर ने कहा है कि भारत विरोधी कार्य करने वाले किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में कछार जिले के एसपी नुमाल महत्ता ने कहा कि छात्रा को भारत-बांग्लादेश की सीमा पर स्थित करीमगंज तक पहुँचाया गया, जहाँ से वो सीमा-पार कर बांग्लादेश चली गई। उन्होंने कहा कि एनआईटी सिलचर में बांग्लादेश के करीब 70 छात्र विभिन्न विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं। माहौल खराब न होने पाए, इसके लिए तात्कालिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने बांग्लादेश हाई कमीशन से बात कर एक पूर्व छात्र के खिलाफ एक्शन लेने के लिए कहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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