इन लोगों ने हाथों में तख्तियाँ और तिरंगा झंडा लिया हुआ था। इन तख्तियों में लिखा था कि भारत के संविधान और 'वन्दे मातरम' का सम्मान करो। इसी रैली में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने वाले फ़ैसले की भी तारीफ की गई। स्कॉटलैंड में खालिस्तानियों के ख़िलाफ़ नारेबाजी हुई।
यूरोपीय संघ की संसद में CAA के खिलाफ प्रस्ताव लाने के पीछे यूके के सांसद शफ्फाक मोहम्मद का दिमाग है, जो कि मूल रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) का रहने वाला है। POK में मीरपुर का निवासी शफ्फाक मोहम्मद 2019 से यूरोपियन पार्लियामेंट का सदस्य है।
कुछ दिन पहले ही ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुई पत्थरबाजी की निंदा पूरे विश्व में हुई थी। इससे पहले सितंबर 2019 में भी सिंध में ही एक और हिंदू मंदिर में कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की थी।
"केवल पुरुष ही इस चर्च में प्रवेश कर सकते हैं, महिलाओं को इस चर्च में प्रवेश की अनुमति नहीं है। हम इस निर्णय का सम्मान करते हैं। इसके पीछे आंशिक रूप से इमारतों की रक्षा करना है, साथ ही इस स्थान को पवित्र बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाता है।"
"जिस समय मेरी बेटी को किडनैप किया गया, उस वक्त उसकी शादी की रस्में निभाई जा रहीं थी। लेकिन, तभी शाहरूख गुल अपने कुछ साथियों और पुलिसवालों के साथ आया और मेरी बिटिया को उठा कर ले गया.."
पाकिस्तान की रिपोर्टर नायला इनायत ने पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री जरताज गुल का एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है। इस वीडियो में ज़रताज गुल पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की खूबसूरती और उनकी 'किलर स्माइल' का जिक्र करती हुई देखी जा रही हैं।
इससे पहले इमरान खान की कैबिनेट के एक पूर्व सदस्य बलदेव सिंह को भारत में शरण लेनी पड़ी थी। एक अन्य सिख नेता चरणजीत सिंह को मई 2018 में पेशावर में गोली मार दी गई थी।
सोरोस के मुताबिक, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नरेंद्र मोदी भारत को एक हिन्दू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं। मुस्लिम बहुल अर्ध-स्वायत्त कश्मीर पर दंडात्मक उपाय किए और लाखों मुसलमानों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।
यौन अपराध, बाल पोर्नोग्राफ़ी, तलाक सब कुछ का ठीकरा बॉलीवुड और हॉलीवुड पर फोड़ने वाले पाकिस्तानी पीएम खुद दो-दो बार तलाक दे चुके हैं। उनकी पूर्व पत्नी का तो यह भी कहना था कि वे हर रात 6 ग्राम कोकीन का सेवन करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार तुर्की में महिलाओं और लड़कियों के प्रति हिंसा बहुत ज्यादा होती है। जहाँ 38 प्रतिशत महिलाओं को अपने ही साथी की वजह से शारीरिक और यौन हिंसा का शिकार होना पड़ता है।