पुटिया गाँव को पार करने के बाद भैंस ने नजदीकी गाँव गौरंगोला में घुसकर ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस दौरान भैंस ने गाँव में काफी देर तक तांडव मचाया, जिसमें गाँव के करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय...
मोशी शहर की एक चर्च। सामने खुला मैदान और वहाँ धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन। भीड़ खचाखच। तभी खुद को ईश्वर कहने वाले पादरी मवामपोसा ने कहा - जमीन पर 'पवित्र तेल' पड़ा हुआ है। बस, रोग ठीक होने की आस में सभी लोग तेल को छूने लगे। भगदड़ मची और...
"वायरस से मृत लोगों के शवों को दफनाया नहीं जाना जाहिए और न ही इनके शवों को किसी भी प्रकार से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस जानलेवा वायरस के कारण मारे गए लोगों को दफनाने की जगह उन्हें जलाया जाना चाहिए।"
“ये भारतीय छात्र हैं, इन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी चले जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”
पाकिस्तान ने कहा है कि वह चीन में फँसे अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में फँसे पाकिस्तानियों में मुख्य रूप से छात्र हैं जो वुहान शहर में फँसे हुए हैं। वुहान चीन का वह शहर है जहाँ से यह महामारी चीन के बाकी हिस्सों समेत दुनियाभर के शहरों में पहुँची है।
खुद को कनेरिया की गेंदबाजी का प्रशंसक बताने वाली यह महिला है आमना गुल। उसने ट्वीट कर ने कनेरिया से कहा, "आप प्लीज इस्लाम कबूल कर लीजिए। इस्लाम सोना है। इस्लाम के बगैर कुछ भी नहीं है। आप की जिंदगी मौत की तरह है। आप इस्लाम कबूल कर लीजिए।"
रोहिंग्या संगठन ARSA ईसाइयों को प्रताड़ित कर रहा है। हालिया हमले में 12 रोहिंग्या ईसाई गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ के शरीर पर एसिड फेंक कर हमला किया गया। पीड़ितों में महिलाएँ एवं बच्चे भी शामिल हैं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि 15, 13, 13 और 12 साल की उम्र के चारों लड़कों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उन्होंने मंदिर से पैसे चुराने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान में निकले रोजगार के एक विज्ञापन का जिक्र किया। इसमें सफाई के कामों के लिए कर्मचारियों की वैकेंसी निकाली गई थी। इस वैकेंसी में सिर्फ गैर-मुस्लिमों को ही पात्र बताया गया था।
".....लगा कि मुझे तो कोई प्रॉब्लम ही नहीं है, दुनिया बदल गई। यहाँ तक कि वहाँ मौजूद सभी नर्सों में मुझे हूरें नजर आने लगी। मैंने डॉक्टर को दोबारा वही टीका लगाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मुझे दूसरा पेनकिलर नहीं दिया। यहाँ के डॉक्टर वाकई तारीफ के काबिल हैं।”