Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'उनकी किलर स्माइल, मादक चाल... वो जब आते हैं...' - इमरान खान पर फिदा...

‘उनकी किलर स्माइल, मादक चाल… वो जब आते हैं…’ – इमरान खान पर फिदा हुईं यंग महिला मंत्री

इस वीडियो में ज़रताज गुल पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की खूबसूरती और उनकी 'किलर स्माइल' का जिक्र करती हुई देखी जा रही हैं।

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुआई में चाहे ‘टिमाटर’ और आटे-चावल के लाले पड़ जाएँ लेकिन फिर भी इमरान खान लगातार चर्चा में बने रहते हैं और आवाम में उनकी दीवानगी कम नहीं होती। इस बार इमरान खान के चर्चा में आने की वजह वो खुद नहीं बल्कि पकिस्तान की जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री जरताज गुल हैं।

पाकिस्तान की रिपोर्टर नायला इनायत ने पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री जरताज गुल का एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है। इस वीडियो में ज़रताज गुल पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की खूबसूरती और उनकी ‘किलर स्माइल’ का जिक्र करती हुई देखी जा रही हैं।

इस वीडियो में ज़रताज गुल का इंटरव्यू लिया जा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तारीफ करते हुए ज़रताज गुल कह रही हैं- “PM इमरान खान की बॉडी लेंगुएज की अगर बात की जाए तो, मुझे लगता है वो दुनिया में सबसे करिश्माई व्यक्तित्व हैं। जिस तरह से वो चलकर आते हैं, जिस तरह की उनकी किलर स्माइल है। सारी दुनिया को पता है… उनकी तो वीडियो बनी हुई हैं… उनके चलने का… इतना रौब और दबदबा….जब वो आते हैं तो अगर हमारे ज़ेहन में कोई संदेह होता है तो सब संदेह दूर हो जाते हैं।”

यह वीडियो ट्विटर पर खूब शेयर किया जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -