आजादी मार्च की भयावहता देखते हुए ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रशासन से 5,000 अतिरिक्त पुलिस बल की माँग की गई है। वहीं, इस्लामाबाद में तैनाती के लिए 3,000 अतिरक्त पुलिस बल भेज दिए गए हैं। सरकार की पूरी कोशिश ये है कि प्रदर्शन स्थल से मौलाना और उसके अनुयायियों को आगे न बढ़ने दिया जाए, लेकिन.....
वीडियो वायरल होने के बाद मानसिक रूप से कमजोर अयूबी को रहीम यार खान की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। थर्ड डिग्री के लिए बेहद कुख्यात पाकिस्तानी पुलिस की हिरासत में उसकी मौत ने पूरे पूरे मुल्क में आक्रोश पैदा कर दिया था।
"सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग एप के ज़रिए लोगों को आतंकवादी बनाने को लेकर काम तेज़ी से चल रहा है। इस सम्बन्ध में भारतीय अधिकारियों ने वैश्विक सोशल मीडिया कम्पनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है।"
इस्लामाबाद के रेड जोन में घुस सकते हैं आजादी मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी। भीड़ इतनी कि बलप्रयोग से भी हटाने में हो सकती है मुश्किल। इमरान ने कहा- मौलाना को हर हल में रोका जाए।
"हाँ, यह एक खतरे की घंटी है। फजलुर्रहमान इमरान खान को सत्ता से बेदखल करने के लिए आजादी मार्च का आयोजन कर अपना ताकत दिखाना चाहता है। मौलाना अपनी व्यक्तिगत प्रतिशोध के अलावा पाकिस्तान में आर्थिक संकट की स्थिति को भी भुनाने में लगा हुआ है।"
एक अन्य संदेश में लिखा गया है, "मैं बहुत झूठ बोल सकता हूँ, क्या मैं अभिनंदन की तरह 'वीर चक्र' भी प्राप्त कर सकता हूँ।" हैकर ने विंग-कमांडर अभिनंदन वर्थमान और कुछ पुलिस कर्मियों के साथ एक फ़ोटोशॉप्ड तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें एक कैप्शन लिखा था कि ‘27 फ़रवरी याद है ना’।
इस ट्रेन में 857 लोग यात्रा कर रहे थे और त्रासदी और भी भयंकर हो सकती थी। रेलवे कमिश्नर ने भी कहा है कि इस्लामिक मिशनरी के सदस्यों द्वारा लाए गए गैस सिलिंडर के कारण ही आग लगी। मरने वालों में अधिकतर इस्लामिक मिशनरी संगठन के लोग हैं।
पाकिस्तानी ट्विटर यूज़र्स ने यह भी दावा करना शुरू कर दिया कि वीडियो पीरज़ादा के पूर्व प्रेमी द्वारा उनके मोबाइल फोन से लीक किए गए थे, जिनके पास उनका आईक्लाउड पासवर्ड था। कुछ हैंडल यह भी दावा कर रहे थे कि पीरज़ादा ने हाल ही में अपना फोन बेचा था जिसमें कुछ निजी वीडियो थे, हो सकता है कि वीडियो वहाँ से लीक हुए हों।
मौलाना फजलुर रहमान का आजादी मार्च 27 अक्तबूर को शुरू हो शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुॅंचा था। उन्होंने इमरान से दो दिन में इस्तीफा देने या गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है।