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‘1 साल में Pak ने लिया 70 सालों से ज्यादा कर्ज़’: मौलाना के मार्च से अटकी इमरान की साँस

मौलाना को मिल रहे जनसमर्थन ने पाकिस्तान के विशेषज्ञों और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मौलाना को मनाने की भी कोशिशें की गई हैं लेकिन वो अपनी माँगों पर अड़े हुए है। मौलाना ने ख़ुद या अपने आजादी मार्च में शामिल अन्य नेताओं की गिरफ़्तारी होने की स्थिति के लिए भी रणनीति बना रखी है।

उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की धड़कनें बढ़ा दी है। मौलाना प्रदर्शनकारियों के साथ प्रधानमंत्री के दफ़्तर की ओर बढ़ रहे हैं। सहमे इमरान ने गृह मंत्रालय को आदेश दिया है कि मौलाना को हर हल में रोका जाए। पाकिस्तान की मीडिया का कहना है कि मौलाना ने भारी भीड़ इकट्ठी कर ली है, जो किसी भी गंभीर स्थिति को जन्म दे सकती है। पाक मीडिया के अनुसार, भीड़ इतनी है कि बलप्रयोग कर के भी उन्हें हटाना मुश्किल है। मौलाना ने इमरान को इस्तीफे के लिए दो दिनों का अल्टीमेटम दिया था जो आज पूरा होने वाला है।

मौलाना को मिल रहे जनसमर्थन ने पाकिस्तान के विशेषज्ञों और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मौलाना को मनाने की भी कोशिशें की गई हैं लेकिन वो अपनी माँगों पर अड़े हुए है। मौलाना ने ख़ुद या अपने आजादी मार्च में शामिल अन्य नेताओं की गिरफ़्तारी होने की स्थिति के लिए भी रणनीति बना रखी है। हालॉंकि वे कुछ भी सार्वजनिक करने से बच रहे हैं। पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि प्रदर्शनकारी नेताओं के पूर्वज जिन्ना के विरोधी थे और आज वे इमरान ख़ान के विरोध में उतरे हैं।

ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रशासन से 5,000 अतिरिक्त पुलिस बल की माँग की गई है। इस्लामाबाद में तैनाती के लिए 3,000 अतिरक्त पुलिस बल भेज दिए गए हैं। सरकार की पूरी कोशिश ये है कि प्रदर्शन स्थल से मौलाना और उसके अनुयायियों को आगे न बढ़ने दिया जाए, लेकिन मौलाना ने इमरान ख़ान द्वारा इस्तीफा न देने की सूरत में मार्च को आगे बढ़ाने का फ़ैसला लिया है। पाकिस्तान के इंटीरियर सेक्रेटरी ने सेना और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक की है, जिसमें ‘आज़ादी मार्च’ के प्रदर्शनकारियों से निपटने के बारे में चर्चा की गई। पहले मौलाना ने कहा था कि वो इस्लामाबाद के रेड जोन में नहीं घुसेंगे।

मौलाना ने साफ़ कर दिया है कि वो अगले दो दिनों में कोई कड़ा फ़ैसला लेंगे ताकि सरकार विरोधी आंदोलन को नई ऊर्जा दी जा सके। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास आन्दोलनों से भरा हुआ है और वह जल्द ही कोई बड़ा निर्णय लेंगे। मौलाना ने बताया कि वो नई रणनीति पर काम कर रहे हैं, जो मौजूदा प्रदर्शन से भी ज्यादा प्रभावी होगा। मौलाना ने क़ानून-व्यवस्था की बात करते हुए कहा कि पिछले 15 महीनों से चल रहे प्रदर्शन के दौरान भी संयम बरता गया, यह दिखाता है कि प्रदर्शनकारी क़ानून-व्यवस्था को लेकर कितने सजग हैं।

मौलाना ने इमरान ख़ान की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश असुरक्षित है। मौलाना ने आरोप लगाया कि इमरान ख़ान की सरकार ने 1 साल में जितना क़र्ज़ लिया, उतना पिछले 70 साल की सभी सरकारों ने मिल कर भी नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी रुपए की क़ीमत डॉलर के मुक़ाबले 105 से गिर कर 160 पर आ गई है। लोग अपने बच्चों तक के लिए भोजन ख़रीदने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि यह सब इमरान के शासनकाल में हुआ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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