"मेरे स्टूडियो में पाकिस्तान का झंडा लेकर आएँगे? किसी की औक़ात है? अगर लगाएँगे न, तो आपके पिछवाड़े में भी वहाँ पता चलेगा। ये अनुच्छेद-370 वाली आपकी सरकार नहीं है कि आप पाकिस्तान का झंडा लहराएँगे यहाँ।"
गुजरात हाई कोर्ट मे 22 अगस्त को आदेश दिया था कि टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई), इंडियन एक्सप्रेस और दिव्य भास्कर अगले ही दिन यानी 23 अगस्त को माफीनामा प्रकाशित करें।
दिल्ली में कब्रिस्तान में काम करने वाले पीर मोहम्मद शरीफ ने झाड़-फूँक के नाम पर 9 साल की बच्ची से रेप किया लेकिन मीडिया ने उसे रिपोर्टों में 'तांत्रिक' लिखा।
द वायर के माध्यम से सुनीता विश्वनाथ द्वारा प्रस्तुत उदाहरण न केवल त्रुटिपूर्ण है, बल्कि भ्रामक भी है, क्योंकि इसमें हिंदुओं से एक आतंकवादी संगठन पर हमले की तुलना पांडवों और भगवान कृष्ण के कष्टों से करते हुए उसे समर्थन देने के लिए कहा गया है।
सबा नकवी की समस्या ये है कि मीडिया में क्यों मुस्लिम दोषियों का नाम उजागर किया गया और योगेंद्र यादव की दिक्कत ये है कि क्यों उनका नाम फ्रंट पेज पर छापा गया।