साल 1990 के बाद अमरनाथ यात्रा के दौरान 36+ आतंकी हमले हुए हैं। हर साल हिंदू अपने ही तीर्थस्थानों पर जाते समय असुरक्षित महसूस करता था.. लेकिन इस वर्ष सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हुए हैं।
ऑपरेशन पुश-बैक के अभियान में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स (BGB) भी है। कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए निचले तबके के लोग सीमा पर पहुँच रहे।
मोहम्मद कासिम भी ज्योति मल्होत्रा से जुड़े पाकिस्तानी एंबेसी में तैनात ISI एजेंट एहसान-उर-रहमान उर्फ दानिश के संपर्क में था। वो दानिश को सेना से जुड़ी जानकारियाँ देता था।