महिलाओं के साथ बढ़ रहे रेप के मामलों पर कानून को सख्त करने की बात कही जा रही है लेकिन दूषित मानसिकता पर चर्चा भी जरूरी है जिसपर काम किए बिन इन घटनाओं को कम नहीं किया जा सकता।
दीपू मोनी को न सिर्फ गिरफ्तार किया गया, बल्कि कोर्ट में भी पेश किया गया। उसकी पेशी के दौरान इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हमला बोल दिया, जिसमें वो घायल भी हो गईं।
छत्रपति शिवाजी महाराज का अपनी सेना को स्पष्ट आदेश था कि आक्रमण के दौरान महिलाओं-बच्चों और आम लोगों को गिरफ्तार न किया जाए, ब्राह्मणों को परेशान न किया जाए।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह उन्हें ज़मीन और सुरक्षा मुहैया कराए। हम उनके भोजन और अन्य ज़रूरतों का ध्यान रखेंगे और सरकार पर बोझ नहीं आने देंगे।"