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महिला पत्रकारों पर कॉन्ग्रेसी CM के समर्थकों का हमला, बदसलूकी: सरकारी वादों की कर रही थीं तहकीकात, KTR बोले – राज्य में महिलाएँ सुरक्षित नहीं

महिला पत्रकारों के अनुसार, वो रेवंत रेड्डी के गाँव में किसानों से बात कर रही थीं, तभी सीएम के 50 के करीब समर्थक आए उनके कैमरे छीनने लगे। पत्रकारों ने मोबाइस में घटना रिकॉर्ड करना शुरू की तो उन लोगों ने वो फोन भी छीन लिए।

तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के समर्थकों ने उनके ही गाँव में दो महिला पत्रकारों पर बुरी तरह हमला कर दिया। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बताया जा रहा है कि जिस समय हमला हुआ उस समय पत्रकार अपनी ड्यूटी कर रही थीं।

स्थानीय मीडिया साइट पर प्रकाशित खबर के अनुसार, सीएम रेवंत रेड्डी के समर्थकों ने उनके ही गाँव में दो महिला पत्रकारों पर हमला कर दिया। महिला पत्रकारों का नाम विजया रेड्डी और सरिता है। जानकारी के मुताबिक, दोनों पत्रकार गुरुवार सुबह कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र में रेवंत रेड्डी के गृह गाँव कोंडा रेड्डीपल्ली गईं थीं। वहाँ वह किसानों से बात कर रही थीं और जानना चाहती थीं कि ऋण माफी का क्या हुआ।

सरिता के अनुसार, इसी दौरान रेवंत के 50 के करीब समर्थक आए और किसानों को बात करने से रोकने लगे। इस दौरान महिला पत्रकारों से बदसलूकी हुई, उनके कैमरे छीन लिए गए। पत्रकारों ने मोबाइल में घटना रिकॉर्ड करना शुरू की तो उन लोगों ने वो फोन भी छीन लिए। उनके साथ मारपीट की गई। इसी तरह विजया के साथ भी हुआ।

बाद में दोनों ने जाकर इस मामले को वांगुर पुलिस थाने में दर्ज कराया। शिकायत में कहा गया कि जिन लोगों ने उनके साथ मारपीट है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।

बता दें कि इस मुद्दे को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे केटीआर ने भी उठाया है। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर क्यों कॉन्ग्रेस शासन में महिलाएँ सुरक्षित तक नहीं हैं। अगर ऋण माफी का काम अच्छे से हुआ है तो फिर मुख्यमंत्री को दिक्कत क्या है। ड्यूटी करते हुए पत्रकारों पर हमला करना अपराध है। कॉन्ग्रेस के गुर्गों पर फौरन केस दर्ज होना चाहिए और इनकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। महिला आयोग को भी इसमें तुरंत हस्तक्षेप करने की जरूरत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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