पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बाहर निकलने के बाद अरमान अंसारी उसे गंदी-गंदी गालियाँ देने के साथ जातिसूचक शब्द बोलने लगा। उसने च$रिया-सियारिया जैसे शब्द बोले।
आरोपित की पहचान ताजेमुल के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय लोग JCB नाम से बुलाते हैं। वो 'त्वरित न्याय' देने के लिए जाना जाता है, उसकी नज़र में पुलिस-कोर्ट की कोई हैसियत नहीं।
जयराम रमेश ने कहा है कि आरक्षण की सीमा को 50% से बढाकर उसे संविधान की नवीं अनुसूची में डालना पर्याप्त नहीं है क्योंकि देश के कोर्ट इसकी समीक्षा कर सकते हैं और इस पर रोक लग सकती है।