Homeदेश-समाजमहिला को रस्सी से बाँध कर परेड निकाला, डंडे से पीटा, जमीन पर छटपटाती...

महिला को रस्सी से बाँध कर परेड निकाला, डंडे से पीटा, जमीन पर छटपटाती रही… बंगाल में ताजेमुल की ‘शरिया अदालत’ का दूसरा वीडियो, TMC विधायक बताते हैं ‘मुस्लिम राष्ट्र’

साथ में कई अन्य लोग भी तमाशा देखते हुए चल रहे हैं। इसके बाद इन दोनों को एक पेड़ के पास जमीन पर बिठा कर पीटा गया। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे होते हैं।

पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर स्थित चोपरा में सत्ताधारी TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के विधायक हमीदुल रहमान के करीबी ताजेमुल का एक और वीडियो सामने आया है। इससे पहले वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया था कि वो एक महिला और उसके प्रेमी की खुलेआम भीड़ के सामने पिटाई कर रहा है। वहीं अब पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष व नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने उसका नया वीडियो जारी किया है, जो रविवार (16 जून, 2024) का है।

ये वीडियो रात के समय का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला को रस्सी से बाँध कर उसका परेड निकाला जा रहा है। उक्त महिला के साथ-साथ एक पुरुष के भी कपड़े उतार कर ये रस्सी उसने शरीर में बाँध दी गई है। रास्ते में परेड निकाले जाने वक्त दोनों की डंडे से पिटाई भी की जा रही है। साथ में कई अन्य लोग भी तमाशा देखते हुए चल रहे हैं। इसके बाद इन दोनों को एक पेड़ के पास जमीन पर बिठा कर पीटा गया। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे होते हैं।

फिर एक कमरे में ले जाकर महिला और उस पुरुष को जमीन पर लिटा कर पीटा गया, इस दौरान वो छटपटाती रही। कोई उन्हें बचाने की कोशिश नहीं करता है। शुभेंदु अधिकारी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “स्ट्रीट जस्टिस का दूसरा एपिसोड। इसमें TMC नेता ताजिमुल उर्फ ​​JCB जज, जूरी और जल्लाद की भूमिका में हैं। ममता बनर्जी के बंगाल में एक और दिन, जहां ‘मुस्लिम राष्ट्र’ की परंपराओं का मनमाने ढंग से पालन किया जाता है।”

इससे पहले जो वीडियो सामने आया था, उसमें भी एक महिला और उसके प्रेमी को बाँस के डंडे से पीटते हुए ताजेमुल दिखा था। उसका बचाव करते हुए चोपरा के विधायक हमीदुल रहमान ने कहा था कि ‘मुस्लिम राष्ट्र’ के कुछ आचार-विचार होते हैं। ऐसे में सवाल पूछे जाने लगे थे कि चैतन्य महाप्रभु और रामकृष्ण परमहंस की धरती क्या अब ‘मुस्लिम राष्ट्र’ है? शरिया भारत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है, जहाँ मनमाने ढंग से भारत के संविधान और कानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -