हुदा ने दावा किया कि पर्दा करने वाली उसकी मुस्लिम सहेलियों को देख कर उसके मन में ख्याल आया कि उनसे कोई छेड़खानी नहीं करता। फिर उसने इस्लामी मुबल्लिगों को सुनना शुरू किया।
'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के टीजर में रणदीप हुड्डा कहते हैं, "गाँधीजी बुरे नहीं थे, लेकिन अगर वो अपनी अहिंसावादी सोच पर अड़े नहीं रहते तो भारत 35 साल पहले ही आज़ाद हो जाता।"