अतीक ने 44 साल तक अपना आतंक फैलाया था। 17 साल की उम्र में तो उसके ऊपर हत्या का आरोप लग चुका था। 1995 में उसने गेस्ट हाउस कांड में मायावती को निशाना बनाया था।
मीडिया के सामने हुई अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद काफी देर दोनों शव जमीन किनारे पड़े रहे। ऐसे में ये तस्वीर अतीक का पुराना बयान याद आ गया...
जोगा सिंह ने ही अमृतपाल को फरारी के बाद पीलीभीत में पनाह दी और उसका साथ देता रहा। वह अमृतपाल सिंह के फरार होने के बाद से यानी 18 मार्च से 28 मार्च तक उसके साथ था।