पीएम आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल गाँधी की माँग सरकार के मानी, तो फटाफट दूसरी शर्त रख दी। साथ ही कहा कि उनकी मर्जी वो कहीं भी धरना दे सकते हैं और माँगे बदल सकते हैं।
एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
हमें समझने की जरूरत है कि तथाकथित किसान संगठन कैसे अक्सर कृषि सुधारों के रास्ते और किसानों के विकास में बाधा बनते हैं। यही स्थिति तीनों कृषि कानूनों के समय भी देखी गई।
ब्रिटेन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक नहीं हैं। 'द वायर' के प्रोपेगेंडा में फँसने से पहले भीड़ कैसे जुट रही है, इसे भी समझना जरूरी है।
पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में नीट पेपर लीक को दुर्भाग्यपूर्ण और घोर पाप बताया। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक दोबारा परीक्षा ली गई और तुरंत कार्रवाई की गई।