भैंसा गए एक पत्रकार ने न केवल हालिया दंगों, बल्कि पिछले सालों में हुई उन घटनाओं के बार में भी बताया है जो हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर करने के मकसद से अंजाम दिए गए।
सरपंच पति संतराम वाल्मीकि को ब्लेड लगे ट्रैक्टर से दिनदहाड़े कुचल दिया गया। सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जे को लेकर उन्होंने माफिया फकीर मोहम्मद के खिलाफ शिकायत की थी।
कलिता माझी और चंदना बाउरी, केवल बंगाल चुनाव में किस्मत आजमा रहीं, बीजेपी उम्मीदवारों के नाम ही नहीं हैं। बेहद सामान्य पृष्ठभूमि की ये महिलाएँ तमाम धारणाओं को भी तोड़ती हैं।