"अल्लाह हमारी दुआ कबूल करे। अल्लाह हमारे भारत में एक ऐसा भयानक वायरस दे कि दस-बीस या पचास करोड़ लोग मर जाएँ। क्या कुछ गलत बोल रहा मैं? बिलकुल आनंद आ गया इस बात में।"
ईरान कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित मुल्कों में है। ईरान में कोरोना से मरने वालों की संख्या बुधवार को 3036 हो चुकी थी। संक्रमित लोगों की संख्या 47,593 थी। इराक में कोरोना की वजह से कई प्रांतों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है।
"मरकज के जमातियों का टेस्ट हुआ, उसमें किसी को भी कोरोना वायरस नहीं पाया गया और मीडिया कह रही है कि कोरोना वायरस तबलीगी जमातियों ने फैलाया है। कैसे? समझ रहे हो आप?"
दिल्ली का एलएनजेपी अस्पताल हो या हैदराबाद का गॉंधी हॉस्पिटल। समुदाय विशेष के मरीज अब भी मनमानियों से बाज नहीं आ रहे। गॉंधी हॉस्पिटल में जिनलोगों को क्वारंटाइन किया गया है उनकी सामूहिक रूप से नमाज अदा करती तस्वीरें सामने आई है।
"तबलीगी जमात के ज्यादातर सदस्य जाँच में सहयोग नहीं कर रहे। इसके कारण हमारे स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जिन तीन ब्लॉक में इन्हें रखा गया है वहॉं पुलिस की तैनाती करनी पड़ी है।"
इस बीच दिल्ली की तबलीगी जमात में शरीक हुए यूपी के 569 लोगों को अब तक विभिन्न जिलों में क्वारंटाइन किया गया है। वहीं प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 117 से अधिक हो गई है।
कोरोना के कहर से अब तक बचा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में भी अब कोरोना के मामले लगातार सुनने को मिल रहे हैं। अब वहाँ कोरोना संक्रमण के पॉजिटिव केसों की पुष्टि हो रही है। मणिपुर में कोरोना वायरस के दूसरे मामले की पुष्टि हुई है।
राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद कुछ एक्टिविस्ट उनकी आलोचना कर रहे हैं। उनके बयान को हिंसक बता रहे हैं और कह रहे हैं कि यही सब ड्रग्स के खिलाफ शुरू हुई जंग के दौरान उन्होंने किया था, वे वैसा ही दोबारा कर रहे हैं। उस समय भी पुलिसवालों ने हजारों लोगों को मार दिया था और अब भी यही आदेश दे रहे हैं।
क्राइम ब्रांच एएसपी ने बताया आरोपित इरशाद नाम के युवक ने व्हाट्सएप पर 'मस्ती की पाठशाला' नाम से ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में जुड़े कई युवक लगातार संदेश लोगों को संदेश भेजकर यह भ्रम फैला रहे थे कि कोरोना के इलाज की आड़ में जो डॉक्टर उनके मोहल्लों में आ रहे हैं, वे जहरीला इंजेक्शन दे रहे हैं। इसलिए उनका बहिष्कार करें।
नए ऑडियो में (जिसे आज ही अपलोड किया गया है, जबकि मौलाना पुलिस-प्रशासन से भागता फिर रहा है) मौलाना साद न केवल डॉ की हिदायत पर अमल करने के लिए कहता है, बल्कि उसे शरीयत के अनुकूल भी बताता है।