Saturday, July 31, 2021
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‘…जो डॉक्टर मुहल्ले में आ रहे, वो दे रहे जहरीला इंजेक्शन’ – WhatsApp पर इरशाद ने फैलाई अफवाह, इंदौर में गिरफ्तार

इंदौर के टाटपट्टी बाखल और सिलावटपुरा में कोरोना वायरस की जाँच के लिए गई डॉक्टरों की टीम पर गली में पहले से मौजूद लोगों ने पथराव किया था। इसके बाद डॉक्टरों की टीम को वहाँ से जान बचाकर भागना पड़ा था। WhatsApp पर फैले अफवाह के कारण...

एक तरफ भारत के साथ पूरा विश्व कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर लाख कोशिशों के बाद भी कुछ कट्टरपंथी लोगों को भड़काने से बाज नहीं आ रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों पर पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कुछ ऐसे ही व्हाट्सएप ग्रुर पर लोगों को डॉक्टरों के खिलाफ भड़काने वाले एक युवक को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

क्राइम ब्रांच एएसपी राजेश दंडोतिया ने बताया आरोपित इरशाद नाम के युवक ने व्हाट्सएप पर ‘मस्ती की पाठशाला’ नाम से ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में जुड़े कई युवक लगातार संदेश लोगों को संदेश भेजकर यह भ्रम फैला रहे थे कि कोरोना के इलाज की आड़ में जो डॉक्टर उनके मोहल्लों में आ रहे हैं, वे जहरीला इंजेक्शन दे रहे हैं। इसलिए उनका बहिष्कार करें।

इसकी जानकारी जैसे ही क्राइम ब्रांच को हुई वैसे ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्रुप के एडमिन इरशाद को गिरफ्तार कर लिया। इरशाद नाम का आरोपित कोहिनूर कॉलोनी आजादनगर इंदौर का निवासी है। इसी के साथ पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ वैश्विक महामारी कोरोना के संदर्भ में लोगों को भड़काने और समाज में उन्माद फैलाने वाले मैसेज भेजने जैसी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपित के अलावा ग्रुप के कुछ अन्य सदस्यों को भी भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में आरोपित बनाया जाएगा।

भास्कर में प्रकाशित खबर की कटिंग

वहीं एएसपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने बताया कि महामारी की गंभीरता तो देखते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतत निगरानी रखे हुए है। इस दौरान सोशल मीडिया पर अफवाह और लोगों को भड़काने के उद्देश्य से भड़काऊ पोस्ट या शेयर करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह किसी भी प्रकार की अपुष्ट खबरों अथवा अफवाहों पर भरोसा ना करें, ना ही ऐसी अफवाहों को प्रसारित करें।

गौरतलब है कि इससे पहले इंदौर के टाटपट्टी बाखल और सिलावटपुरा में कोरोना वायरस की जाँच के लिए गई डॉक्टरों की टीम पर गली में पहले से मौजूद लोगों ने पथराव किया था। इसके बाद डॉक्टरों की टीम को वहाँ से जान बचाकर भागना पड़ा था। इतना ही नहीं जब सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुँची तो आरोपितों ने महिलाओं को आगे कर दिया और फिर घरों की छतों से पुलिस और डॉक्टरों की टीम पर फिर से पथराव शुरू कर दिया था। इस दौरान वहाँ लगी बैरिकेडिंग को भी उपद्रवियों ने तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस फोर्स ने तत्काल पूरे इलाके को सील कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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