भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अमूल्य योगदान के लिए विदेश मंत्रालय ने 14 फरवरी को उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर इसकी घोषणा की है। इससे पहले स्वराज को गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया था।
विधु विनोद चोपड़ा ने कश्मीरी पंडितों का दर्द दिखाने के नाम पर 'शिकारा' बनाई। लेकिन, फिल्म में मुस्लिमों के अत्याचार को छिपा लिया और प्रेम-कहानी पर जोर दिया। इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को अब गदहा बता वे झूठे आँकड़े गिना रहे हैं।
प्रदेश में सरपंच की 1011 सीटें खाली हैं। इन जगहों पर आतंकियों के डर से पिछली बार चुनाव में कोई खड़ा नहीं हुआ था। आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही इन सीटों पर जल्द चुनाव कराने की अटकलें लगाई जा रही थी।
इस महीने लद्दाख और मार्च में जम्मू-कश्मीर पहले 'खेलो इंडिया' शीतकालीन खेलों की मेजबानी करेगा। पहली प्रतियोगिता लद्दाख में फरवरी के तीसरे हफ्ते में जबकि दूसरी प्रतियोगिता जम्मू-कश्मीर में मार्च के पहले हफ्ते में होगी।
चावला और क्रोनिए के बीच बातचीत को इंटरसेप्ट करने के बाद दिल्ली पुलिस ने मार्च 2000 में प्राथमिकी दर्ज की थी। बातचीत के दौरान चावला ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और कॉन्ग्रेस के सांसद रहे मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम भी लिया था।
3 सालों में 450 यहाँ गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया गया। लेकिन सिर्फ़ 170 बच्चों का ही रिकॉर्ड दर्ज है। बाकी 280 शिशुओं के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनका क्या हुआ?
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लक्ष्य तय करते हैं, आलोचनाओं का सामना भी उन्हें ही करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वो अपने कर्तव्य को समझने के साथ-साथ उन लोगों से भी अपेक्षा करते हैं, जो सिर्फ अधिकारों की बात करते हैं।
दिल्ली चुनाव परिणामोंं में सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि बीजेपी की करारी हार में भी उसकी एक बड़ी जीत छिपी हुई है। ऐसा इसलिए कि इस 70 विधानसभा सीटों में से 8 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है। वहीं इसमें गौर करने वाली बात यह कि बीजेपी का इस बार करीब 63 सीटों पर वोट शेयर बढ़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक पार्टियों को निर्देश दिया कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के चयन का कारण अपनी वेबसाइटों पर अपलोड करें। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को भी चेताया है कि आदेश का पालन नहीं किए जाने को अदालत की अवमानना माना जाएगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फर्जी इतिहासकार रामचंद्र गुहा के इस आरोप का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ विदेश मंत्री ढेर सारी किताबें पढ़ते हैं और प्रोफेसरों के लिए भी ये अच्छी आदत हो सकती है। उन्होंने गुहा को सलाह दी कि वो नारायणी बसु द्वारा लिखित वीपी मेनन की जीवनी पढ़ें।